
व्यूरो, रिपोर्ट
दुनिया की कठिनतम श्रीखंड महादेव यात्रा पर सरकार की रोक के बाबजूद, युवक 32 किमी लंबे ट्रेक पर जाने से नहीं रुक रहे हैं. अब इस यात्रा पर गए चार युवकों में से 3 के लापता होने की खबर है.
एक युवक घायल अवस्था में मिला है. जबकि तीन युवक लापता हैं. फिलहाल, इनके लिए रेस्क्यू टीम भेजी गई है. गौरतलब है कि इस यात्रा को पूरा करने में कम से कम छह दिन लगते हैं और रास्ता इतना खतरनाक है कि पल भर में जान जा सकती है.
जानकारी के अनुसार, फांचा मार्ग होते हुए ये युवक श्रीखंड गए थे. यह मार्ग श्रीखंड यात्रा के लिए आधिकारिक मार्ग नहीं है. फांचा-श्रीखंड मार्ग में मंझावन के पास एक युवा अकेला फंसा हुआ था जिसकी सूचना दी गई थी। उसके चार साथी अकेला वहीं छोड़ आए, युवक के पैर में गंभीर चोट लगी है और वह चल नहीं पा रहा था,क्योंकि टांगों में फैक्चर है। उसके 3 दोस्त उसके लिए सहायता लाने की बात कहकर गए थे, मगर खुद ही लापता हैं।
इसकी जानकारी एक अन्य ट्रैकिंग समूह ने प्रशासन को दी और उन्होंने उसे अकेली अवस्था में पाया है. हालांकि, दुखद यह है कि इस दल नें भी युवक की मदद नहीं की है और उसे वहां अकेला छोड़ कर आ गए.
सूचना मिलते ही प्रशासन ने आईटीबीपी, पुलिस, होमगार्ड, अग्निशमन तथा स्थानीय युवाओं की 20 जवानों की टीम रेस्क्यू करने के लिए भेजी है. जो रात भर चल के संभवत मंगलवार दोपहर तक युवा तक पहुंच जाएगी.
एसडीएम रामपुर ने कहा कि आजकल ट्रेकिंग और कैम्पिंग के नाम पर शो ऑफ का ट्रेंड चल पड़ा है, वह कइयों की ज़िन्दगी लील चुका है. डिस्कवरी चैनल देखकर खुद को बेयर ग्रिल्स समझने की भूल न करें. यहां पहाड़ के असल हालात के आगे अनुभवी ट्रेकर्स को भी जान गंवाते देखा गया है.स्थानीय लोगों और साथ में बाहरी राज्यों से यहां पढ़ने, जॉब करने या फिर घूमने आने वालों को समझना चाहिए कि यह मैदानी इलाका नहीं है. यह हिमालय है, जहां प्रकृति सबसे चंचल रूप में है.
पल भर में नदियां उफान ले सकती हैं. बादल फट सकते हैं. मौसम पलटी मार सकता है. जंगली जानवर हमला कर सकते हैं. बताया जा रहा है कि 16 से 23 साल के ये युवक कांगल इलाके के रहने वाले हैं.
