सोलन – रजनीश ठाकुर
शूलिनी मेले के नाम पर फर्जी चंदा पर्चियां छपवाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है।
जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किया गया युवक एक डिपो होल्डर का भाई है और इसी ने शहर की एक प्रिंटिंग प्रेस को 1200 से अधिक पर्चियां छापने का आदेश दिया था।
प्रारंभिक पूछताछ के बाद आरोपी को जमानत पर रिहा कर दिया गया है, लेकिन यह मामला अब प्रशासनिक प्रक्रियाओं की पारदर्शिता और सरकारी प्रतिष्ठान के नाम के दुरुपयोग पर गहराते सवाल छोड़ गया है।
पुलिस की जांच के घेरे में सिविल सप्लाई विभाग का संबंधित अधिकारी और प्रिंटिंग प्रेस संचालक भी है। बताया जा रहा है की सूत्रों के मुताबिक शूलिनी मेला के लिए स्थानीय अधिकारी की ओर से डिपो होल्डर के भाई को एक चंदा पर्ची दी गई थी, ताकि वह क्षेत्र में जनसहयोग के लिए चंदा इक_ा कर सके। लेकिन वह पर्ची उससे से कहीं गुम हो गई।
इसी डर में कि कहीं विभागीय कार्रवाई न हो जाए, उसके भाई ने उसी पर्ची की हूबहू नकल तैयार करवाई और एक स्थानीय प्रिंटिंग प्रेस में सैकड़ों नकली पर्चियां छपवा दीं।
डीसी सोलन को जब इसकी भनक लगी तो छानबीन शुरू हुई और नालागढ़ शहर की एक प्रिंटिंग प्रेस में छापे के दौरान 1294 पर्चियां बरामद हुई।
पर्चियों में ‘शूलिनी मेला कमेटी सोलन’ के नाम के साथ डीसी सोलन का मोबाइल नंबर, ई-मेल आईडी और स्कैनर कोड तक छपा था।
जांच के दौरान जब एक पर्ची (क्रमांक 7201) को स्कैन किया गया, तो उसमें डीसी कम चेयरमैन के खाते की डिटेल सामने आ गई, जिससे इस फर्जीवाड़े की गंभीरता और बढ़ गई। यही नहीं, पर्ची पर प्रिंटिंग प्रेस का नाम भी दर्ज नहीं था।
पुलिस को दिए बयान में संदीप ने दावा किया कि उसका उद्देश्य किसी प्रकार की ठगी नहीं था, बल्कि वह मूल पर्ची की अनुपलब्धता के कारण घबराहट में प्रिंटिंग प्रेस से 1200 से अधिक पर्चियां छपवा लीं। पुलिस खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी की भूमिका की भी जांच कर रही है, जिसने मूल पर्ची जारी की थी।
पुलिस थाना नालागढ़ प्रभारी राकेश राय के बोल
पुलिस थाना नालागढ़ के प्रभारी राकेश राय ने बताया कि इस मामले में पर्ची छपवाने वाले संदीप सिंगला को गिरफ्तार कर जमानत पर रिहा कर दिया है उससे पूछताछ की गई है।