केंद्रीय टीम पहुंची थी शी हाट, परंपरागत व्यंजन व स्थानीय उत्पाद के हुए कायल
नाहन, 29 जून – नरेश कुमार राधे
हिमाचल प्रदेश के पच्छाद विकास खंड के बागपशोग में ‘शी हाट’ (SHE HAAT) परिचय का मोहताज नहीं रहा है। यहां पहुंचने वाला हरेक गेस्ट महिलाओं के अतिथि सत्कार का तो मुरीद हो ही जाता है, साथ ही ताउम्र न भूले जाने वाले स्वाद का भी कायल हो जाता है।
डॉ. प्रमोद कुमार कौशिक ने ‘शी हाट’ की विजिटर बुक में ऐसे शब्द लिखे, जो शी हाट संचालित कर रही महिलाओं के लिए बेहद ही उत्साहवर्धक थे।

डॉ. कौशिक ने लिखा, ‘आरके परुथी आईएएस, मैंने पहली बार स्वयं सहायता केंद्र को अपनी आंखों से देखा है। इससे पहले केवल सुना था। महिलाओं के बीच तालमेल व अतिथि सत्कार का समन्वय देखने योग्य है।
उनके इस काम को देखकर मुझे ऐसा लगा कि ये सब एक स्वप्न जैसा है। मैं तहे दिल से इनके केंद्र की सफलता की कामना करता हूं और भविष्य में फिर आने की इच्छा व्यक्त करता हूं, जय नारी शक्ति।’
बता दें कि शी हाट तत्कालीन उपायुक्त आरके परुथी की सोच का परिणाम है। शी हाट में वैसे तो स्थानीय उत्पाद ही उपलब्ध करवाए जाते हैं, लेकिन यकीन मानिए कि यहां परोसे वाने वाला शुद्ध पानी भी बावड़ी से भरकर लाया जाता है।
उल्लेखनीय है कि डॉ. कौशिक मौजूदा में केंद्रीय मंत्रालय में पेंशन्स व पेंशनर्स वेलफेयर में निदेशक के पद पर तैनात हैं। ये टीम, 26 जून से 29 जून तक सिरमौर के दौरे पर है।
टीम में वैज्ञानिक एन वीर बाबू बतौर तकनीकी अधिकारी शामिल थे। तकनीकी अधिकारी वीर बाबू ने लिखा कि ‘खाना बेहद स्वादिष्ट था, पारंपरिक व्यंजनों को संरक्षण प्रदान करने की शानदार कोशिश है।’
उधर, एक अन्य जानकारी के मुताबिक पांवटा विकास खंड के तारूवाला में भी ‘सिरमौरी हाट’ प्रस्तावित किया गया है। इसका निर्माण बागपशोग से एक कदम आगे बढ़कर किया जाएगा।
म्यूजियम, पार्किंग व रेस्तरां इत्यादि के निर्माण को सैद्धांतिक मंजूरी दी जा चुकी है। बागपशोग की तरह सिरमौरी हाट में भी सीएसआर (CSR) के माध्यम से बजट जुटाया जा सकता है।
केंद्रीय टीम के साथ डीआरडीए के परियोजना अधिकारी अभिषेक मित्तल के अलावा पच्छाद के बीडीओ इत्यादि भी मौजूद रहे।

