शिमला बीसीएस तीन छात्रों का अपहरण मामला: क्राइम पेट्रोल देखकर आरोपी ने रची बच्चों के अपहरण की साजिश, रिवॉल्वर से डराया

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शिमला – नितिश पठानियां 

बिशप कॉटन स्कूल (बीसीएस) के तीन छात्रों के अपहरण के मामले में गिरफ्तार आरोपी सुमित सूद ने खुलासा किया है कि उसने टीवी कार्यक्रम क्राइम पेट्रोल देखकर इस वारदात की योजना बनाई थी।

आठ से दस दिन पहले सुमित ने अपहरण का फैसला लिया था। मेरठ से इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने वाले सुमित ने बच्चों के अभिभावकों से फिरौती मांगने के लिए कैलिफोर्निया का वर्चुअल नंबर इस्तेमाल किया।

आरोपी तीसरी से आठवीं कक्षा तक बीसीएस में ही पढ़ा है और संपन्न परिवार से है, लेकिन कारोबार में भारी नुकसान के बाद उसने अपराध का रास्ता चुना।

आरोपी जानता था कि राखी के दिन अधिकांश छात्र टाउन आउटिंग लीव पर जाते हैं। इसी वजह से वह सुबह 5:45 बजे स्कूल गेट के पास पहुंच गया।

दोपहर 12:12 बजे जैसे ही तीनों छात्र खलीनी की ओर निकले, सुमित ने खुद को स्कूल का पुराना छात्र बताते हुए कहा कि वह उन्हें ऑकलैंड टनल के पास छोड़ देगा, जहां से तीनों आसानी से मालरोड पहुंच सकते हैं।

बच्चे झांसे में आकर गाड़ी में बैठ गए। इसके बाद वह टॉलैंड, छोटा शिमला और संजौली बाईपास होते हुए ढली पहुंचा।बच्चों ने गलत दिशा में जाने पर विरोध किया तो आरोपी ने बताया कि तुम किडनैप हो गए हो।

एक बच्चे ने कहा, क्या आप हमारे साथ प्रैंक कर रहे हो। कुफरी में आरोपी ने गाड़ी साइड में लगाकर बच्चों को रिवॉल्वर दिखाई, जिससे तीनों डर गए।

आरोपी ने तीनों बच्चों को एक दूसरे की आंखों पर टेप लगाने को कहा। डर कर तीनों ने टेप लगा दी। इसके बाद वह बच्चों को ठियोग से कोटखाई के कोकुनाला स्थित अपने घर ले गया।

साढ़े तीन बजे यहां पहुंचने के बाद बच्चों के कपड़े बदलवाकर उन्हें स्वैटर पहनाए और कहा कि तुम अभी सोलन में हो। फ्रिज से पिज्जा निकाल कर उन्हें खाने को दिया और अभिभावकों के नंबर मांगे।

सीसीटीवी से मिली अहम सुराग, 13 तक पुलिस रिमांड पर भेजा आरोपी

पुलिस ने बीसीएस गेट के बाहर जब सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो पता चला कि शनिवार दोपहर 12:12 बजे तीनों छात्र स्कूल में एंट्री के बाद बाहर निकले। उनके पीछे कुछ अन्य छात्र भी बाहर निकले।

अन्य छात्र खलीनी और टॉलैंड में लगे सीसीटीवी में दिखे, पर ये तीन नहीं मिले। पुलिस ने बीसीएस, विजिलेंस ऑफिस और नजदीकी होटलों के बाहर से गुजरने वाली गाड़ियों का रिकॉर्ड खंगाला।

जांच में एक टैक्सी नंबर की गाड़ी और आरोपी की गाड़ी संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने पहले टैक्सी नंबर की गाड़ी को वेरीफाई करवाया। इसके बाद पुलिस का शक यकीन में बदल गया कि दिल्ली नंबर की दूसरी गाड़ी में तीनों बच्चों को ले जाया गया है।

उधर, आरोपी को सोमवार को जिला कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे 13 अगस्त तक पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।

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