
शाहपुर – अंशुल दीक्षित
जनपद कांगड़ा के शक्तिपीठों में इन दिनों नवरात्रों की खूब रौनक लगी हुई है। कांगड़ा के मशहूर शक्तिपीठों ज्वालाजी, चामुंडा और बज्रेश्वरी देवी समेत कांगड़ा के तमाम छोटे बड़े मंदिरों में भी श्रद्धालू भक्तों का तांता लगा हुआ है। शाहपुर की लंजोत में स्वंय प्रकट हुई चौकी मां के मंदिर में भी हर साल की तरह इस साल भी श्रद्धालू भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा है।
यहां मंदिर परिसर को खूब सजाया संवारा गया है। नवरात्रे के हर दिन रात को जहां भगवती जागरण हो रहा है। वहीं श्रद्धालुओं के लिये मंदिर की मैनेजमेंट कमेटी की ओर से भंडारे आयोजन किया जा रहा है ताकि दूर दराज के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालू भक्तों को भूखा-प्यासा न रहना पड़े।
मंदिर कमेटी के चेयरमैन और मंदिर के जीर्णोद्धार में अपनी अहम भूमिका निभाने वाले सुरेंद्र शर्मा ने कहा कि साल 1997 की वो रात जिस दिन मां भगवती ने उन्हें स्वपन में आकर इस जगह का साक्षात दर्शन करवाते हुये मंदिर निर्माण का आदेश दिया था।
ससुप्त अवस्था से चेतना में आने पर उन्होंने उस स्वपन को सीरयसली लेते हुये मंदिर निर्माण शुरू कर दिया। हालांकि उन दिनों वो दाने-दाने के लिये भी मोहताज़ हुआ करते थे। मगर मां की कृपा से आज वो कांगड़ा जैसे बड़े जनपद में एक सफल बिजनेस मैन हैं और उन्होंने भगवती मां के आदेशानुसार इस मंदिर के भव्य निर्माण में भी कोई कसर नहीं छोड़ी है।
आज वो हर साल यहां हवन पाठ करवाने के बाद भंडारे और भजन गायकों को भी बुलाते हैं और इस दौरान साध संगत भी आकर खूब निहाल होती है।
वहीं मंदिर के पुजारी मुनीश शर्मा ने बताया कि इस बार मां के नौ नवरात्रों में से दो ही नवरात्रे शुद्ध थे बाकि के नवरात्रों में अस्त होने के चलते विवाह शादी और शुभ कार्यों का योग नहीं बन पाया मगर पूजा पाठ निरंतर जारी है।
