
शाहपुर – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश में दुर्घटना के मामले रुकने के नाम नहीं ले रहे हैं। हर दिन देवभूमि में कोई ना कोई दुर्घटना का मामला सामने आ रहा है और हर इंसान अपनी जान गवा रहा है या अपंग हो रहा है।
पिछले कुछ दिनों पहले राष्ट्रीय उच्च मार्ग मंडी पठानकोट पर निजी संस्थान के छात्रों की बाइक दुर्घटनाग्रस्त हुई थी। जिसमें दो युवक दो पहिया वाहन पर सवार होकर घायल हुए थे। जिनमें एक आज भी कोमा की स्थिति में है।
जिसमें एक अन्य बाइक सवार घावों के ताप सहते हुए आज एक सामान्य जिंदगी जीने के लायक है। बात करें इस हादसे की तो शाहपुर पुलिस आज तक यह पता नहीं लगा पाई है कि हादसे के क्या कारण थे और क्यों यह हादसा हुआ था?
आज फिर उसी संस्थान के पास एक बाइक चालक और टेंपो ट्रैवलर और एक अल्टो की दुर्घटना हुई है। जिसमें बाइक चालक बुरी तरह से दुर्घटनाग्रस्त हुआ है।
इस दुर्घटना में बाइक चालक बुरी तरह से दुर्घटनाग्रस्त हुआ है और यह भी जानकारी नहीं है कि वह जीवित है या इस संसार को छोड़ गया है। या उसके साथ कोई और था या नहीं था।
घटनास्थल पर मौजूद व्यक्तियों के अनुसार यह दुर्घटना दो गाड़ियों के ओवर टेक के कारण हुई है। घटना की जानकारी निजी मीडिया अधिकारी के द्वारा 108 एमरजैंसी हेल्पलाइन और पुलिस स्टेशन शाहपुर को दी गई।
पर कार्यवाही इतनी निराशाजनक रही की किसी के भी द्वारा उपयुक्त जानकारी ना कि निजी मीडिया या अन्य मीडिया चैनल को दी गई।
इस बाबत जब इमरजेंसी हेल्पलाइन 108 सोलन या शाहपुर पुलिस स्टेशन से बात करनी चाहिए तो उन्होंने आनाकानी की ।
उन्होंने ना दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति की जानकारी देना चाही ना ही यह बताना चाहा कि दुर्घटना कैसे हुई है। जबकि उन्हे स्थानीय मीडिया अधिकारी द्वारा पूरी जानकारी दी गई थी की मौके पर प्रत्याशियों ने क्या देखा और क्या समझा।
दुर्घटना के 20 मिनट बाद जब शाहपुर थाने में फोन किया गया तो फोन उठाने बाले अधिकारी की तरफ से यह बताया गया कि उन्हें सिविल अस्पताल शाहपुर से फोन आ चुका है कि दुर्घटना का मामला उनके पास आया है।
पर उसके बाद भी शाहपुर पुलिस थाना की तरफ से यह नहीं बताया गया कि दुर्घटना कैसे हुई है। वह दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति कौन है और उसकी हालत किस प्रकार से है।
जब शाहपुर पुलिस थाना से यह जानना चाहा तो उक्त व्यक्ति जिसने फोन उठाया था उसने फोन सुनने की वजाय फोन काट दिया।
घटनास्थल पर मौजूद व्यक्तियों द्वारा एकत्रित घटना की पूरी जानकारी स्थानीय मीडिया अधिकारी द्वारा आपातकालीन एंबुलेंस स्वास्थ्य सेवा (108) सोलन के माध्यम से सिविल हॉस्पिटल शाहपुर और शाहपुर पुलिस थाना को दी गई।
पर अपनी कार्यप्रणाली से पीछा छुड़ाते हुए शाहपुर पुलिस अस्पताल ने ना आगे जानकारी सांझा की और ना ही शाहपुर पुलिस थाने की तरफ से संबंधित मीडिया अधिकारी (जिसने 108 पर जानकारी दी) को जानकारी बताना चाही।
अब सवालों के घेरे में या तो शाहपुर पुलिस थाना है या फिर आपातकालीन स्वास्थ्य सेवा 108 है। जिन्होंने ना तो दुर्घटनाग्रस्त हुए व्यक्ति की जानकारी देना उक्त समझा और ना यह बताना की दुर्घटना ग्रस्त व्यक्ति की क्या हालत है।
