
व्यूरो रिपोर्ट
पत्नी के हत्यारे पति को न्यायालय ने उम्रकैद की सजा सुनाई है। पति ने अपनी पत्नी की पानी में डुबोकर हत्या की थी और उसके बाद शव जमीन में दफना दिया था। यह सजा जिला एवं सत्र न्यायाधीश नितिन कुमार की अदालत ने सुनाई है।
इसके अलावा दोषी को 20 हजार रुपये जुर्माना भरने के भी आदेश दिए हैं। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी को तीन साल का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
जिला न्यायवादी भुवनेश मन्हास ने बताया कि पुलिस थाना नगरोटा बगवां के तहत परिजनों ने अपनी बेटी की गुमशुदगी की रिपोर्ट विनय कुमार निवासी 53 मील तहसील नगरोटा बागवां, जिला कांगड़ा के खिलाफ दर्ज करवाई थी।
शिकायतकर्ता मनोहर लाल निवासी गांव मकरोटी डाकघर लदवाड़ा तहसील शाहपुर जिला कांगड़ा ने सात दिसंबर, 2016 को शिकायत दर्ज करवाई थी कि उसने अपनी बेटी शारदा देवी की शादी विनय कुमार से 2001 में करवाई थी। बेटी के दो बच्चे एक लड़की और एक लड़का है।
पति की मारपीट से परेशान होकर 2014 में शारदा देवी अपने पिता के साथ मायके में रहने आ गई थी। शारदा देवी का घरेलू हिंसा का मुकदमा पहले से ही दर्ज था। इसके चलते वह अपने बच्चों से मिलने ससुराल जाया करती थी। 27 जुलाई, 2016 को भी वह अपने बच्चों से मिलने ठानपुरी गई थी।
इसी बीच दो अगस्त, 2016 को शारदा देवी के रखरखाव मुकद्दमे की तारीख थी, उसे हर महीना पांच हजार रुपये की राशि मिलने के आदेश थे, लेकिन वह दो अगस्त, 2016 को अपने मुकदमे की तारीख पर नहीं पहुंची। इसके बाद शिकायतकर्ता ने पता किया कि वह 27 जुलाई 2016 को अपनी ननद के घर मुहालकड़ में रुकी है।
विनय कुमार ने दूसरी शादी कर ली थी तो शिकायतकर्ता को लगा कि उनकी बेटी को विनय कुमार ने कहीं गायब कर दिया है। पिता ने अपनी बेटी की गुमशुदगी की शिकायत पुलिस स्टेशन में 11 अगस्त 2016 को की, जिसमें विनय कुमार के ऊपर शक जताया गया।
काफी समय बाद शारदा देवी के घर वापस न आने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की। पता चला कि आरोपी विनय कुमार के पत्नी के साथ अच्छे संबंध नहीं थे और यह मामला कोर्ट में है। शारदा को हर माह पैसे देने से बचने के लिए उसने पानी में डुबोकर उसकी हत्या कर दी और उसके शव को अपने एक अन्य साथी की मदद से खेत में दफना दिया था।
उसने कबूल किया था कि उसने अपनी पत्नी को 29 जुलाई, 2016 को ही मार दिया था। इसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर शव बरामद किया था और मौके पर गैंती व फावड़ा भी बरामद हुआ था।
विनय कुमार ने शारदा की हत्या इसलिए की थी कि उसे पैसे न देने पड़ें। केस की पैरवी सहायक जिला न्यायवादी विवेक डोगरा ने की। उन्होंने इस दौरान 26 गवाहों को न्यायालय में पेश किया।
