
पालमपुर- बर्फू
देश के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले भारत के रण बांकुरों का सम्मान करना सभी का कर्तव्य है। ऐसे बलिदानियों का सम्मान कर न केवल हम उन्हें सम्मान दे सकते हैं, बल्कि भावी पीढ़ी को भी ऐसे उदाहरण देकर उन्हें देश की रक्षा के लिए प्रेरित कर सकते हैं। सरकार इतनी बेरूखी भी क्यों कि समय बीतने पर बलिदानियों की कुर्बानियों को भुला दिया जाता है, जबकि इन बलिदानियो का सम्मान किया जाता है और युवा पीढ़ियों को इनकी बहादुरी के किस्से सुनाएगा जाते हैं, ताकि बच्चों को प्रेरणा और सीख मिल सके।
हैरानी तब होती है जब प्रशासन की लापरवाही इन बलिदानियों के किस्सों पर भारी पड़ती है। यहां बता दें कि पंचरूखी अप्पर बाजार से पंचरूखी पुलिस थाना और अस्पताल सहित खुद पंचरूखी लोक निर्माण विभाग के स्टोर से होकर सडक गुजरती है। लोक निर्माण विभाग के स्टोर में समान रखा हुआ। यहां साइन बोर्ड तो दर्जनों के हिसाब रखे गए हैं, परंतु बलिदानी मेजर सुधीर वालिया अशोक चक्र सेना मेडल बनूरी के साइन बोर्ड को सड़क किनारे उल्टा रखा गया है।
यूं कहे कि विभाग ने लोक निर्माण विभाग बलिदानी की शहादत का अपमान कर रहा है। क्षेत्र के सेवानिवृत सैनिकों ने इस पर रोष जताते हुए विभाग से मांग की है कि बलिदानी के इस साइन बोर्ड को पुन: सम्मान पर स्थापित किया जाए और उनके बलिदान का सम्मान किया जाए।
उधर लोक निर्माण विभाग पंचरुखी के सहायक अभियंता अंकज सूद ने बताया की उनको इस बात की जानकारी नही है। हां अगर स्टोर में बलिदानी का साईन बोर्ड इस तरह रखा गया है तो उसे ठीक करवा दिया जाएगा।
