
मंडी – अजय सूर्या
हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक वित्तीय साक्षरता केंद्र मंडी द्वारा राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड के सौजन्य से 13 फरवरी से 17 फरवरी के बीच में पूरे देश में मनाए जा रहे वित्तीय साक्षरता सप्ताह के अंतर्गत गांव वीर में एक दिवसीय वित्तीय साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम का आयोजन हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी बैंक जिला कार्यालय मंडी से वित्तीय साक्षरता समन्वयक राकेश ठाकुर ने किया।
उन्होंने कहा कि डिजिटल पेमेंट ने हर किसी की जिंदगी को आसान बना दिया है। पहले लोगों को बैंक जाकर फंड ट्रांसफर करने की प्रक्रिया को पूरा करना पड़ता था। लेकिन अब डिजिटल पेमेंट के जरिए सब कुछ काफी आसान हो गया है।
भारत में ज्यादातर बैंकों, निजी कंपनियों और सरकारी विभागों ने डिजिटल पेमेंट सेवा को अपनाया है। जिसके जरिए बड़ी आसानी से ऑनलाइन फंड ट्रांसफर भी हो जाता है और सभी तरह के रिकॉर्ड रखने में आसानी भी होती है।
उन्होंने कहा के भारत में डिजिटल पेमेंट करने के कई माध्यम आज की तारीख में मौजूद हैं जिसमें मुख्यतः नेशनल इलेक्ट्रॉनिक फंड ट्रांसफर, रियल टाइम ग्रॉस सेटलमेंट, इमीडिएट मोबाइल पेमेंट सर्विस, डिजिटल वॉलेट (फ़ोन पे , गूगल पे , पेटीएम ) और यू पी आयी है।
उन्होंने कहा कि अपना डेबिट कार्ड अपने लोगों के अलावा किसी अन्य व्यक्ति को यूज़ करने कभी भी ना दें। फ़ोन कॉल के माध्यम से किसी से भी डेबिट कार्ड सीरियल नंबर, पिन, ओटीपी जैसे सेंसटिव बैंकिंग इनफार्मेशन साझा ना करें।
हमेशा नेट बैंकिंग का इस्तेमाल करते वक्त अपने इन्टरनेट ब्राउज़र के इंकॉग्निटो मोड में जाकर ही वेबसाइट ओपन करें। अपनी सेंसटिव बैंकिंग जानकारी सोशल मीडिया पर शेयर ना करें। उन्होंने बैंक और नाबार्ड की विभिन्न योजनाओं के बारे में उपस्थित लोगों को जानकारियां भी दी।
