लावारिस बैल के हमले में महिला पार्षद घायल, आईसीयू में भर्ती

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धर्मशाला-राजीव जस्वाल

स्मार्ट सिटी धर्मशाला की सड़कों पर बेसहारा पशुओं का आतंक इस कद्र बढ़ चुका है कि लोगों का सड़कों पर चलना मुश्किल हो गया है। स्मार्ट सिटी धर्मशाला के गुरुद्वारा रोड पर नगर निगम के वार्ड नंबर छह की पार्षद तेजेंद्र कौर पर बेसहारा पशु ने जानलेवा हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। इन्हें गंभीर हालत में कांगड़ा के एक निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती किया गया है।

एक सप्ताह में ही धर्मशाला शहर में ही बेसहारा पशुओं के हमले में तीन लोग घायल हुए हैं। इनमें महिला पार्षद सहित एक व्यापारी के हाथ में फ्रेक्चर हो गया और एक 85 वर्षीय बुजुर्ग को घायल किया है।

बेसहारा पशुओं के आतंक के बावजूद आज दिन तक नगर निगम आयुक्त, महापौर, जिला प्रशासन, विधायक एवं सांसद इन बेसहारा पशुओं के आतंक से निजात दिलाने में असफल रहे हैं। बेसहारा पशुओं से निजात दिलाने में पशुपालन विभाग ने भी अपने हाथ खड़े कर दिए हैं।

वहीं, इस विषय में नगर निगम धर्मशाला के आयुक्त प्रदीप ठाकुर ने बताया कि लावारिस बैल के हमले में पार्षद के घायल होने का मामला मेरे संज्ञान में नहीं आया है।

कई बार की शिकायत पर नहीं हुई सुनवाई: तेजेंद्र

बेसहारा पशुओं के हमले में गंभीर रूप से घायल हुईं पार्षद तेजेंद्र कौर ने बताया कि उन्होंने बेसहारा पशुओं की समस्या को लेकर निगम प्रशासन से कई बार शिकायत की है। आज दिन तक समस्या को लेकर कोई निजात नहीं मिली है।

लोगों को मार रहे पशु और नेता-प्रशासन चुप: मनोहर

बेसहारा पशुओं के हमले में घायल मनोहर लाल ने बताया कि रविवार को उनकी दुकान के बाहर ही पशुओं ने उन्हें घायल किया है। इससे उनकी बाजू में फ्रेक्चर आया है। उन्होंने बताया कि आए दिन पशुओं के आतंक से लोग घायल हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन और नेताओं ने इस समस्या पर चुप्पी साध रखी है।

पशु के हमले में बाल-बाल बची थी जान: रत्न

कोतवाली बाजार के 85 वर्षीय बुजुर्ग रत्न लाल डोगरा ने बताया कि बीते सप्ताह मुझ पर पशुओं ने हमला किया। इससे शरीर में अंदरूनी चोटें आई हैं। हमले में मेरी जान बाल-बाल बची।

निगम प्रशासन, सांसद, विधायक और महापौर सभी ने खड़े किए हाथ: नरेंद्र

व्यापार मंडल कोतवाली बाजार के अध्यक्ष नरेंद्र जम्वाल ने बताया कि आए दिन पशुओं के आतंक से लोग परेशान हैं। उन्होंने बताया कि पिछले कई सालों से इस समस्या को लेकर नगर निगम कमिश्नर, विधायक, सांसद, जिलाधीश से गुहार लगाई गई, लेकिन अधिकारियों से लेकर नेताओं तक सबने इस समस्या से निजात दिलाने में हाथ खड़े कर दिए हैं।

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