रोमांचकारी सफर को तैयार हो जाएं, पठानकोट-मंडी फोरलेन पर इसी महीने अलहदा एहसास

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कोटला – व्यूरो रिपोर्ट

जनता के लिए बड़ी खुशखबरी है। पठानकोट-मंडी फोरलेन का रोमांच और बढऩे वाला है और इसी महीने जनता रोमांच से भरे सफर को तैयार हो जाए। मई अंत तक पठानकोट-मंडी फोरलेन पर कोटला में निर्मित सुरंगों से वाहनों की आवाजाही शुरू होगी, जिससे सफर सुहाना होगा। इन सुरंगों को आधुनिक तकनीक से भूकंपरोधी बनाया गया है तथा सुरंगों के अंदर एलईडी लाइट्स व सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।

सुरंगों के अंदर गुजरने से रात को भी दिन का एहसास होता है। कोटला में एक सुरंग की लंबाई 720 मीटर व दूसरी सुरंग की लंबाई 450 मीटर है, जिनके निर्माण पर 290 करोड़ रुपए लागत लगी है। इन सुरंगों से वाहनों को गुजारने का लगातार ट्रायल हो रहा है। इन सुरंगों में डबललेन सडक़ें बनी हैं, जिनमें एक लेन में दो-दो वाहन गुजर सकते हैं। सुरंगों में वाहनों के आने-जाने के लिए अलग-अलग लेन बनी हुई हैं।

कितना हिस्सा फोरलेन की जद में और कितना क्लेम

विधानसभा क्षेत्र ज्वाली के अधीन कोटला बैल्ट में भेडख़ड्ड से तखनयाड़ तक 13 किलोमीटर एरिया आया है तथा इसको दो फेज में बांटकर कार्य किया गया है। पहले फेज में भेडख़ड्ड से सियूनी तक 9 किलोमीटर एरिया तथा द्वितीय फेज में सियूनी से तखनयाड़ तक चार किलोमीटर एरिया आया है। तेरह किलोमीटर में 49 हेक्टेयर सरकारी व निजी भूमि आई।

पहले चरण में बल्लाह, कैहरना उर्फ बिशनपुरा, सोलदा, नेरा, भरील, जांगल, नवांशहर, त्रिलोकपुर, सियूनी गांव के करीब 85 मकान फोरलेन की जद में आए, जबकि दूसरे चरण में भनियाडी, वोरका, चिचड़, तखन्याड़ गांव के 50 मकान फोरलेन की जद में आए।

पहले चरण में 37.65 हेक्टेयर जमीन आई जिसमें 31.71 हेक्टेयर सरकारी भूमि तथा 5.94 हेक्टेयर निजी भूमि आई है तथा इसका क्लेम 27 करोड़ बना। दूसरे चरण में 11.37 हेक्टेयर जमीन आई, जिसमें 5.98 हेक्टेयर सरकारी जमीन व 5.39 हेक्टेयर निजी भूमि आई थी।

इसका क्लेम 9.16 करोड़ बना था, जिसका क्लेम भी कर दिया गया। सुरंगों पर भी करोड़ों रुपए की लागत आई है तथा अब जल्द ही सुरंगें वाहनों के आवागमन के लिए खुल जाएंगी जिससे हिचकोले खाने से वाहन चालकों को निजात मिलेगी तथा सफर सुहाना होगा।

NHAI डीजीएम तुषार सिंह के बोल

इस बारे एनएचएआई के डीजीएम तुषार सिंह ने कहा कि ज्वाली के अधीन आने वाले फोरलेन का कार्य कंप्लीट हो चुका है तथा अब सुरंगों से वाहनों को गुजारने का ट्रायल चल रहा है। इस माह के अंत तक सुरंगों से वाहनों की सुचारू आवाजाही हो जाएगी।

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