
फतेहपुर- गुरमुख सिंह
जिला कांगड़ा के फतेहपुर विधानसभा के क्षेत्र रैहन के गांव सकोह की मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखनी वाली बेटी मालविका ने खुद घर में रहकर बिना कोचिंग लिए नोरसेट परीक्षा पास कर दिखाई और आल इंडिया लेवल में 1129 रैंक हासिल करके परिवार, गांव के साथ हिमाचल का नाम रोशन किया और साबित कर दिया कि बेटियां भी लग्न मेहनत से कोशिश करें तो कोई भी मुकाम हासिल करना मुश्किल नहीं है।
मालविका के पिता सुजान सिंह आइपीएच में कार्यरत हैं, माता ललिता देवी ग्राहणी है। मालविका का एक छोटा भाई है।बेटी की कामयाबी पर गांववासियों व रिश्तेदारों ने माता-पिता व मालविका को बधाई दी। मालविका ने बताया कि वह देहरी के सकोह गांव की निवासी है और उसने पढ़ाई दसवीं तक टैगोर माडल स्कूल तथा जमा दो की पढ़ाई रैहन स्कूल में की है। उसके बाद मैैंने दो साल की नीट की कोचिंग ली और उसके बाद मेरी सिलेक्शन आल इंडिया मेडिकल इंस्टिट्यूट में बीएससी ओनर नर्सिंग के लिए हुई।
बकौल मालविका आल इंडिया मैडिकल इंस्टिट्यूट ऋषिकेश में चार साल का कोर्स किया और मैंने वहां काम भी किया। फिर मैंने को नोरसैट की तैयारी की और उसमें मेरा आल इंडिया लेवल में 1129 रैंक मिला है और अब कोंसलिग होने हैं फिर आर इंडिया मेडिकल इंस्टिट्यूट के नियमों अनुसार भेजा जाएगा।
उन्होंने दूसरे बच्चों को संदेश देते हुए कहा कि बच्चों को अपने आप पर विश्वास होना जरुरी है कि हमने इस टैस्ट को पास करना है दूसरा उन्हें पिछले टैस्ट से यह भी सिखना जरूरी है कि कौन से प्रश्न किस तरीके के आए हैं मैंने भी कोर्स पूरा होने के बाद नौकरी छोड़कर बिना कोचिंग के तैयारी शुरू की थी और नोरसैट पास किया है।
उन्होंने अपनी इस सफलता के बारे में बताया और कहा कि अगर होम स्टेट एम्स में काम करना हो तो कौन सी रैंकिंग्स पर रहना है अगर बच्चे सही तरीके से तैयारी करें तो कामयाबी अवश्य मिलेगी ।
