
रैत- नितिश पठानियां
सुमित पठानिया ने 21-11-2021 को शिमला में कार्यभार ग्रहण किया। सुमित पठानिया रेत के रहने बाले है। इन्होंने अपनी नौकरी की शुरुआत 27 अगस्त 1990 को अधिकारी के पद पर राजकीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र निकुल रूरी जिला किन्नौर में से शुरुआत की। तत्पश्चात वहां 3 साल का अपना पूरा कार्यकाल करने के पश्चात राजकीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र ठेहड़, कुठेड़, नूरपुर जिला कांगड़ा में उपस्थिति दी। 8-4 -1995 को राजकीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र पलवाड़ा तहसील शाहपुर जिला कांगड़ा में 3 साल का कार्यकाल पूरा किया।
तत्पश्चात 21 सितंबर 1998 को हिमाचल प्रदेश सरकार की स्वीकृति से एमडी पंचकर्म में गुजरात आयुर्वेद विश्वविद्यालय के इंस्टिट्यूट पोस्ट ग्रेजुएट रिसर्च जमुना नगर में 3 साल की पढ़ाई की। तत्पश्चात एमडी पंचकर्म करने के उपरांत 1 साल 2001 से 2002 तक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र पुराना कांगड़ा में सेवाएं दी। फिर 2002 से 2003 तक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र रैत में 1 साल सेवा देने के पश्चात 2003 से 2008 तक जिला आयुर्वेदिक अस्पताल धर्मशाला में 5 साल की सेवा पूरी की।
2008 से 2010 तक आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र बल्ह नड्डी धर्मशाला में कार्य किया । 2010 से 2012 तक राजकीय आयुर्वेदिक स्वास्थ्य केंद्र सिहुनी में 2 वर्ष कार्य करने के उपरांत, 2012 से 2014 तक फिर जिला आयुर्वेदिक अस्पताल धर्मशाला में आयुर्वेदिक जिला अधिकारी के पद पर कार्य किया। तत्पश्चात 6 जनवरी 2014 को उप-मंडलीय आर्यवेदिक चिकित्सा अधिकारी के पद पर पदोन्नत होकर अपनी सेवाएं उप मंडलीय आयुर्वेदिक चिकित्सा अधिकारी कांगड़ा स्थित पुराना कांगड़ा में दी।
उसके पश्चात 2411 2015 को फिर पदोन्नत होकर जिला आयुर्वेदिक अधिकारी कांगड़ा स्थित धर्मशाला में अपनी सेवाएं दी। तत्पश्चात 3 अगस्त 2018 को इनका स्थानांतरण जिला आयुर्वेदिक अधिकारी चम्बा के लिए हो गया। फिर 1 जनवरी 2019 को इन्होंने उप निदेशक आयुर्वेद के पद पर पदोन्नत होकर निदेशालय कसुम्पटी शिमला में अपनी सेवाएं दी। तत्पश्चात इन का स्थानांतरण इस पद पर कांगड़ा जिला धर्मशाला में नवंबर 20 2019 में हो गया और अब फिर पदोन्नत होकर आयुष विभाग की संयुक्त निदेशक निदेशक आयुर्वेद मैं डायरेक्टर के पद पर विराजमान हुए।
इनके सँयुक्त निदेशक आर्यवेदिक डायरेक्टर बनने पर पूरे शाहपुर हल्के में खुशी की लहर दौड़ आयी है। सुमित पठानिया डॉक्टर होने के साथ साथ शांत स्वभाव और सेवा भाव के रूप में भी जाने जाते है।
