
चम्बा – भूषण गूरूंग
उपमंडल सलूणी के तहत आने वाले 450 मिड-डे मील वर्करों को तीन माह से वेतनमान नहीं मिला है। वेतनमान न मिलने से मिड-डे मील वर्करों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि कई बार विभागीय अधिकारियों को भी इसके बारे में अवगत करवाया गया लेकिन अभी तक वेतनमान नहीं मिल पाया है।
मिड-डे मील वर्कर संघ सलूणी के प्रधान जगदीश ठाकुर ने कहा कि मिड-डे मील वर्करों को कम से कम नौ हजार रुपये वेतनमान मिलना चाहिए। वर्तमान में उन्हें केवल 3,500 रुपये वेतन मिल रहा है जो समयानुसार नहीं मिल रहा है।
महंगाई के इस दौर में इतने कम वेतनमान में उन्हें अपने परिवार को चलाना मुश्किल हो रहा है। कहा कि संघ की सचिव वरिता देवी का कहना है की तीन माह से इन्हें वेतन नहीं मिला है जिससे उनकी मुश्किलें बढ़ी हैं।
वर्करों ने उनके लिए स्थायी नीति बनाने की मांग की है। संघ के सदस्यों का कहना है कि प्रदेश सरकार ने उन्हें 12 माह का वेतन देने का वायदा किया था लेकिन इन्हें अभी भी 10 माह का वेतन ही मिलता है।
उन्होंने सरकार को चेताते हुए कहा कि मिड-डे मील वर्करों को नौ हजार प्रतिमाह वेतनमान और 12 माह का वेतन दिया जाए अन्यथा मिड-डे मील वर्कर संघर्ष की राह पर चलने के लिए मजबूर हो जाएंगे।
क्या कहते हैं अधिकारी
मिड-डे मील के जिला समन्वयक हुकम सिंह ने कहा कि जानकारी जुटाई जाएगी। मिड-डे मील वर्करों को वेतनमान का जल्द भुगतान किया जाएगा।
ये रहें मौजूद
इस मौके पर बृज लाल, विमला देवी, धर्मचंद, कांता सहित अन्य मौजूद रहे।
