मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी मंडी ज़िला कमेटी द्वारा एक बैठक का आयोजन
मंडी – अजय सूर्या
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी मंडी ज़िला कमेटी की बैठक आज कामरेड तारा चन्द भवन मंडी में आयोजित की गई। जिसमें राज्य सचिव डॉ ओंकार शाद के अलावा ज़िला सचिव कुशाल भारद्वाज, भूपेंद्र सिंह, महेंद्र राणा, राजेश शर्मा, सुरेश सरवाल, रविन्द्र कुमार, वीना वैद्य, सुनीता व अन्य जिला कमेटी सदस्यों ने भाग लिया।
बैठक में प्रदेश में तेजी से घटित हो रहे घटनाक्रम और विधायकों की खरीदफरोख्त पर चिंता व्यक्त करते हुए इसे लोकतंत्र के लिए नुकसानदायक बताया है।
माकपा राज्य सचिव डॉक्टर ओंकार शाद ने कहा कि भाजपा देश भर में लोकतंत्र को धनतंत्र के सहारे कुचलना चाहती है। हिमाचल प्रदेश में पिछले कल राज्य सभा चुनाव के लिए जो धनतंत्र का दुरुपयोग हुआ वह लोकतंत्र के मुंह पर तमाचा है राज्यसभा सदस्य के लिए हुए चुनाव में कांग्रेस पार्टी के छः विधायकों द्धारा भाजपा के उम्मीदवार को वोट देने और उन्हें जीत दिलाना भी इसी का उदाहरण है।
सतापक्ष के पास 3 निर्दलीय विधायकों सहित 43 विधायक के मुकाबले भाजपा के मात्र 25 विधायक होने के बावजूद भी चुनाव में अपना उम्मीदवार उतारने से ही भाजपा की बेईमान मंशा का पता चलता है। कांग्रेस के विधायकों द्वारा पाला बदलना भी जनता के साथ धोखा है।
प्रदेश की जनता ने भाजपा को हराकर कांग्रेस को सत्ता सौंपी थी लेकिन अब उन्ही कांग्रेस विधायकों ने जनादेश के खिलाफ काम करते हुए अपने अपने विधानसभा क्षेत्र की जनता से भी धोखा किया है।
जिला सचिव कुशाल भारद्वाज ने बताया कि माकपा जिला कमेटी ने जनता से आह्वान किया है कि आगामी लोकसभा चुनावों में भाजपा को हराने के लिए एकजुटता बनायें ताकि इनकी बढ़ती तानाशाही पर रोक लग सके।
माकपा ने मंडी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर अगली योजना तैयार की जिसमें भाजपा को हराने का लक्ष्य निर्धारित किया और उसके लिए 20 मार्च तक सभी विधानसभा क्षत्रों में जनरल बॉडी बैठकें करने का निर्णय लिया गया और उसके बाद मोदी सरकार की किसान, मज़दूर व आम जनता विरोधी नीतियों और फैसलों के ख़िलाफ़ जनजागरण अभियान चलाया जाएगा जिसके तहत घर घर जाकर पर्चा वितरण व बैठकें आयोजित करने का कार्यक्रम तैयार किया गया।
बैठक में नए मीटर लगाने और नई शिक्षा नीति को लागू करने और मनरेगा के लिए बजट उपलब्ध न करवाने तथा डेढ़ साल से निर्माण मज़दूरों को कल्याण बोर्ड से मिलने वाले लाभों को रोकने के लिए राज्य सरकार की भी निंदा की गई।
बैठक में राष्ट्रीय उच्च मार्गों, फोरलेन, रेलवे, हाईडल परियोजनाओं के लिए हो रहे भूमि अधिग्रहण प्रभावितों की मांगों औऱ स्थानीय समस्याओं बारे भी अभियान चलाया जाएगा।
माकपा ने मोदी सरकार द्वारा किसानों से की गई वायदाखिलाफी तथा किसान आंदोलन को दमन के सहारे कुचलने, गोली चलाने की कोशिशों की कड़ी निन्दा की है।

