मान्यता भगवान शिव के चरणों में विराजमान है भरमौर चौरासी, योनियों के चक्कर काटने से मिलती है मुक्ति

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चम्बा – भूषण गुरुंग

मुक्ति धाम के नाम से विख्यात शिव नगरी भरमौर जिसे भगवान शंकर की चरणस्थली भी कहा जाता है। ऐसी जनश्रुति है कि भगवान शंकर के त्रिशूल पर काशी को विराजमान माना जाता है तो चरणस्थली चौरासी मानी जाती है।

काशी में मात्र विश्वनाथ भगवान के दर्शन करने सभी पापों का अंत हो जाता है तो चौरासी के दर्शन करने से 84,000 योनियों के चक्कर से छुटकारा मिलता है।

मणिमहेश यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए चौरासी सबसे बड़ा पड़ाव है। यहां पर एक रात को हर श्रद्धालु रुकना चाहता है। चौरासी परिसर पर चौरासी मंदिरों का समूह है। इसमें कुछ छोटे चिन्ह के रूप में तो कुछ बड़े मंदिर है।

इनमें मणिमहेश, नरसिंह भगवान, लखनामाता, गणेश, कार्तिक, शीतला माता और धर्मराज समेत सूर्यलिंग, ज्योर्तिलिंग और त्रामेश्वर महादेश सहित अन्य कई मंदिर है, जिनके दर्शन मात्रा से जीवन धन्य हो जाता है।

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