मातम में बदली सालगिरह की खुशियां: पेड़ गिरने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत
हिमखबर डेस्क
पर्वतीय सौंदर्य से भरपूर मणिकर्ण घाटी का दिन एक खुशहाल परिवार के लिए कभी न भूल पाने वाला काला दिन बन गया। अविनाश कौर और उनकी बेटी निशु वर्मा की अचानक पेड़ गिरने से दर्दनाक मौत हो गई।
यह हादसा उस वक्त हुआ जब परिवार मणिकर्ण साहिब में माथा टेकने के बाद पार्वती नदी किनारे कुछ पल सुकून के बिताने के लिए रुका था।
लुधियाना से कुल्लू घूमने पहुंचे छह सदस्यीय परिवार के लिए यह यात्रा एक विशेष अवसर की खुशी लेकर आई थी। दरअसल, शुक्रवार को अविनाश कौर और उनके पति गुरबचन सिंह की शादी की सालगिरह थी।
इस दौरान शनिवार को कुल्लू में केक काटने और जश्न मनाने की योजना थी। इस दौरान उनके साथ बेटी और दामाद (निशु वर्मा व राजन कुमार) भी मौजूद थे। लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था।
पेड़ गिरा… और हमेशा के लिए बिछड़ गईं मां-बेटी
घटना सुमारोपा के पास की है, जहां परिवार गुरुद्वारे में माथा टेकने के बाद वापस लौट रहा था। रास्ते में उन्होंने पार्वती नदी के किनारे कुछ देर रुककर आराम करना चाहा। लेकिन चंद पलों में ही एक बड़ा पेड़ टूटकर गिर पड़ा और अविनाश कौर व निशु वर्मा उसकी चपेट में आ गईं। मौके पर ही दोनों की मौत हो गई।
इस दर्दनाक हादसे ने गुरबचन सिंह ने एक साथ अपनी पत्नी और बेटी को खो दिया। यह दृश्य वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंखों को नम कर गया। रात करीब 9 बजे क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई, जिसके बाद शवों को अंतिम संस्कार के लिए लुधियाना रवाना किया गया।