
कुल्लू – आदित्य
कुल्लू सदर सीट से टिकट कटने के बाद निर्दलीय नामांकन भरने वाले भाजपा के कदावर नेता पूर्व सांसद महेश्वर सिंह विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे।
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा उन्हें मनाने में कामयाब रहे हैं। बगावत को शांत करने के लिए नड्डा ने खुद मोर्चा संभाला है।
नड्डा ने आज दोपहर अचानक शिमला पहुंचकर महेश्वर सिंह से बात की और उन्हें भाजपा में पूरा मान-सम्मान देने का आश्वासन दिया। चुनावी प्रबंधन में माहिर राष्ट्रीय अध्यक्ष की यह रणनीति कामयाब रही।
नड्डा के साथ मुलाकात के बाद महेश्वर सिंह ने कहा कि वह बातचीत के बाद संतुष्ट हैं। अब वे आजाद प्रत्याशी के तौर पर मैदान में नहीं रहेंगे। हालांकि उन्होंने अपने बेटे की जिम्मेदारी लेने से साफ इनकार कर दिया।
महेश्वर सिंह ने कहा कि आज के दिन में कोई भी अपने बेटे की गारंटी नहीं ले सकता। उन्होंने इसके पीछे कई पारिवारिक वजहों को भी गिनाया। महेश्वर सिंह ने कहा कि पार्टी ने उन्हें अब चुनाव न लड़ने के लिए कहा है, तो वे चुनाव नहीं लड़ेंगे।
इससे पहले भी जब पार्टी के साथ उनकी नाराजगी रही, तो वे कांग्रेस में नहीं गए बल्कि उन्होंने अपनी पार्टी का गठन किया। महेश्वर सिंह ने स्पष्ट किया है कि इस बार भी वे भाजपा छोड़ कांग्रेस में नहीं जाएंगे।
गौरतलब है कि महेश्वर सिंह टिकट में बदलाव की वजह से पार्टी से नाराज चल रहे थे। भाजपा ने महेश्वर सिंह का टिकट उनके बेटे हितेश्वर सिंह के बंजार विधानसभा क्षेत्र में आजाद प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतरने की वजह से बदला है।
बता दें कि महेश्वर सिंह ने साल 2012 में पार्टी से नाराजगी के बाद हिमाचल लोकहित पार्टी का गठन किया था। विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी से वे अकेले ही जीत कर विधानसभा पहुंचे थे।
