
भलाड – शिबू ठाकुर
विधानसभा क्षेत्र ज्वाली के अंतर्गत वेही पठियार की महिलाओं ने आज शुक्रवार को निर्जला एकादशी जेष्ठ मास की शुक्ल पक्ष एकादशी का व्रत रखा ।
इस मौके पर जाने माने पंडित सुशील कुमार शर्मा और जोगिन्दर शर्मा ने व्रत के महत्व के बारे में बताते हुए कहा कि ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं । इस व्रत में पानी का पीना वर्जित है । इसलिए इसे निर्जला एकादशी कहते हैं ।
वर्ष भर की चौबीस एकादशियों में से ज्येष्ठ शुक्ल एकादशी सर्वोत्तम मानी जाती है । यह व्रत नर और नारियों दोनों को करना चाहिए । इस दिन ओम् नमो भगवते वासुदेवाय:का जाप करके गोदान, वस्त्र दान,छत्र,फल आदि का दान करना चाहिए ।
मान्यता के अनुसार भीम ने बड़े साहस के साथ निर्जला एकादशी का व्रत किया था । जिसके परिणाम स्वरूप प्रात: होते होते वह संज्ञाहीन हो गया । पांडवों ने गंगा जल तुलसी चरणामृत प्रसाद, देकर उनकी मूर्छा दूर की इसलिए इसे भीमसेन एकादशी भी कहते हैं।
