ज्वाली – शिबू ठाकुर
आज राजकीय उच्च महाविद्यालय ज्वाली में प्रिंसिपल डॉ दिनेश शर्मा की अध्यक्षता में अंतराष्ट्रीय युवा दिवस मनाया गया।
इस मौके पर खंड स्वास्थ्य पर्यवेक्षक सुभाष चंद और रविंद्र कुमार, स्वास्थ्य कार्यकर्त्ता शिवानी ने बच्चों को एचआईवी एड्स बीमारी के बारे में विस्तार पूर्वक बताया कि यह बीमारी कैसे फैलती है।
उन्होंने बताया कि 12 अगस्त को पूरे विश्व मे जगह जगह अंतराष्ट्रीय युवा दिवस मनाया जाता है। उन्होंने बच्चों को बताया कि पूर्ण जानकारी ही इस बीमारी की रोकथाम है।
उन्होंने कहा कि एचआईवी संक्रमित व्यक्ति के साथ असुरक्षित ढंग से यौन सम्बन्ध अपनाने से, संक्रमित सिरिंज और नीडल के इस्तेमाल से, संक्रमित व्यक्ति के खून को चढ़ाने से तथा संक्रमित माँ से उसके होने वाले बच्चे को एचआईवी एड्स हो सकता है। यदि हम सावधानी रखें तो इस बीमारी से अपने आपको बचा सकते है।
सुभाष चंद ने बताया कि यौन रोगों का भी समय पर इलाज करवाए क्योंकि लम्बे समय तक यौन रोग रहने से एच आई वी एड्स होने की 5 से 10 गुणा सम्भावना बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि एचआईवी एड्स व्यक्तियों की एंटी रेट्रोवायरल थैरेपी में उपचार के लिए बस में आने जाने के लिए एक सहयोगी का सरकारी बस में किराया मुफ्त होता है।
उन्होंने बताया कि एड्स के साथ जी रहे व्यक्तियों के 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को राज्य सरकार द्वारा 300 से 800 रुपये आर्थिक सहायता प्रति माह के हिसाब से दी जाती है।
उन्होंने बताया कि संक्रमित व्यक्ति एक स्वस्थ व्यक्ति जैसा ही दिखता है इसलिए स्वैच्छा से एचआईवी के लिए अपने खून की जांच करवाएं यह टेस्ट आईसीटीसी केन्द्र में मुफ्त होता है।
उन्होंने बताया कि आप एचआईवी एड्स की अधिक जानकारी के लिए मुफ्त टोल फ्री नंबर 1097 डायल करके ले सकते है। इसके अतिरिक्त इस मौके पर पर्यवेक्षक सुभाष चंद ने नशा मुक्त भारत अभियान पर विस्तार में जानकारी दी।
अंत में रैली का भी आयोजन किया गया। जिसमें बच्चों को जागरूकता फैलाने के लिए जागरूकता समाग्री बांटी गई। तथा सब से यह अपील की गई कि इस जागरूकता सामग्री के द्वारा सभी बच्चे अपने अपने अड़ोस पड़ोस में बांटेंगे, तथा जागरूकता फैलाएंगे। कॉलेज से केहरियां तक रैली निकाल कर लोगों को जागरूक किया गया।
ये रहे उपस्थित
इस अवसर पर कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ दिनेश शर्मा, प्रोफेसर सुलक्षण शर्मा, प्रोफेसर सोनिका, डॉ शशिकला और कॉलेज के एन एस एस और रेड रिवन क्लब के स्वयं सेवकों और लगभग 200 बच्चे उपस्थित थे।