SDM देहरा शिल्पी बेक्टा ने खुद संभाला मोर्चा, श्रधालुओं व स्थानीय लोगों से अपील मंदिर में और ब्यास नदी के किनारे न जाएं, बोलीं जब तक ब्यास नदी का जलस्तर नहीं कम होता कालेश्वर मंदिर के कपाट बंद रह सकते हैं
देहरा – शिव गुलेरिया
सावन महीने के पहले सोमवार को श्रद्धालु महाकालेश्वर मंदिर से निराश होकर लौटे। दरअसल ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने की वजह से मंदिर की दोनों तरफ ब्यास नदी का पानी चढ़ गया है। कोई अनहोनी न हो इसके चलते देहरा प्रशासन ने महाकालेश्वर मंदिर के रविवार से ही कपाट बंद कर दिए हैं।
सोमवार को श्रद्धालु महाकालेश्वर मंदिर आना शुरू हो गए। लेकिन मंदिर बंद होने की वजह से निराश ही लौटे। एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा ने भी मंदिर व ब्यास नदी के किनारों का मुआयना किया और खुद मोर्चा संभालते नजर आई। यहां मंदिर आए श्रद्धालु ब्यास नदी के किनारे सेल्फी खींचते नजर आए।
एसडीएम व उनकी टीम ने यहां आए लोगों की फोटो भी ली और नदी के किनारों को खाली करवाया। महाकालेश्वर मंदिर में जहां ब्यास नदी का पानी पहुंच गया हैं वहां कई गुफाएं भी है। जिससे मंदिर के अस्तित्व को भी खतरा बना हुआ है।
एसडीएम देहरा शिल्पी बेक्टा ने कहा कि श्रधालुओं की सुरक्षा के मद्देनजर ही मंदिर के कपाट बंद करने का फैसला लिया गया है। अभी मंगलवार तक ही मंदिर बंद रखने के आदेश हैं। अगर ब्यास नदी का जलस्तर कम नहीं हुआ तो मंदिर ज्यादा दिनों तक भी बंद रह सकता है।

