मंड क्षेत्र के किसानों ने धान की फसल का खरीद केंद्र खुलवाने के लिए अजय महाजन को सौंपा ज्ञापन

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मंड क्षेत्र में धान की फसल पककर तैयार, हिमाचल सरकार नही खोल रही खरीद केंद्र

गुरमुख सिंह- रियाली/फतेहपुर

मंड क्षेत्र को पूरे हिमाचल का अन्नदाता कहा जाता है यहाँ हर प्रकार की फ़सल की काश्त होती है।यहां का किसान सबसे अधिक कनक व धान की फसल की काश्त करता है।और तैयार हुई फसल के मंडीकरण के लिए हर वर्ष किसानों को दो चार होना पड़ता है।

पहले तो किसान पंजाब में फसल बेच देते थे पर अब हिमाचल से पंजाब में फसल बेचने के लिए पंजाव सरकार ने पूरी तरह पाबंधी लगा दी है यहाँ तक की अगर फसल की ट्राली पंजाब में जाती है तो किसान पर थाने में पर्चा होने के साथ साथ जुर्माने का भी पंजाब सरकार एलान कर चुकी है।

हिमाचल के किसानों की फसल को लेकर चिंता और बढ़ गई है।प्रदेश की सरकार अभी तक मंड क्षेत्र में खरीद केंद्र खोलने के लिए असमर्थ है।वही आज मंड क्षेत्र के दर्जनों किसानों ने आज इंदौरा क्षेत्र की मलकाना पँचायत के गाँव ढसोली में एकत्रित होकर मौजूदा सरकार द्वारा मंडी खोलने में लेट लतीफी करने के प्रति रोष जाहिर किया और जल्द ही खरीद केंद्र खुलबाने के लिए जिला कांगड़ा कांग्रेस के अध्य्क्ष ओर नूरपूर के पूर्व बिधायक अजय महाजन को एक ज्ञापन सौंपा।

किसानों ने बताया कि बीते कनक के सीजन में सरकार के कनक के चलते सीजन में ठाकुरद्वारा में खरीद केंद्र खोला पर उसमे भी किसानों को कनक का निर्धारित मूल्य नही मिला।

मंडी में दो निजी ठेकेदारों को लेवर ब अन्य काम सौंपा गया था और उन ठेकेदारों में किसानों की प्रति कबाँटल कनक में पांच किलो की काट लगाई और लाखों रुपए बो ठेकेदार ही कमा गए और किसानों को 1975 रुपए कबाँटल की जगह फसल को काट लगाकर घपले बाजी करते हुए मात्र 1800 रुपए प्रति कबाँटल के हिसाब से किसानों को पैसे मिले। कुछ केससज में देखा गया है कि फसल कट लगाकर भी भरी गई है जबकी उसमे एफसीआई का कोई रोल नही था।

किसानों ने अपने ज्ञापन में बताया कि फतेहपुर व इंदौरा तहसील फतेहपुर /इन्दौरा के किसान वर्षो से खरीद केंद्र की समस्या से झुंज रहे है। स्थाना से लेकर धमोता मिलवां तक कुल 35 किलोमीटर मे इन दोनों तहसीलो में कुल 75हजार से अधिक एकड़ रकबे पर धान की फसल पककर तैयार है ।

अगर बात की जाए कुल फसल की तो प्रति एकड़ 20 कबाँटल धान की व कुल डेढ लाख क्वाटल धान का उत्पादन होता है।उन्होने पंजाब में भी कांग्रेस की सरकार होने के चलते जिला अध्य्क्ष से आग्रह किया की पंजाव के सीएम व पार्टी अध्य्क्ष से बात कर पंजाब में हिमाचल की फसल की खरीद पर लगाई गई पाबंधी हो हटवाया जाए। मंड क्षेत्र में खरीद केंद्र खोलने के लिए उनकी मांग को प्रदेश सरकार के समक्ष उठाया जाए।

इस मौके पर जिला अध्य्क्ष ने किसानों को आश्वासन दिया की जल्द ही पंजाब व प्रदेश की सरकार को मंडी खुलने के लिए लिखा जाएगा। वही अजय महाजन ने सभा मे बैठे बैठे ही खाद्य आपूर्ति विभाग की दिल्ली स्थित संयुक्त सचिब से भी बात की ओर उन्हें भी किसानों की समस्याओं से अवगत करवाकर खरीद केंद्र खुलने के लिए आग्रह किया।

वही कांग्रेस पार्टी हिमाचल प्रदेश के अध्य्क्ष कुलदीप राठौर से भी मोके पर ही बात कर पंजाब के मुख्यमंत्री व पार्टी अध्य्क्ष के समक्ष इस मामले को पेश कर किसानों के मंडीकरण की समस्या का हल करवाने की बात की। अजय महाजन ने कहा कि मंड क्षेत्र के किसानों की मंडी की मांग को आखिर प्रदेश की सरकार पूरी क्यो नही कर रही है।

सेव ओर सब्जियों के प्रति सरकार सजग है तो किसानों की धान व कनक की फसल के लिए खरीद केंद्र खोलने के क्यो देरी ब आनाकानी कर रही है। इस तरफ केंद्र व प्रदेश की यह सरकार किसानों की आमदनी दुगनी करने की बाते करती नजर आ रही है मैं सरकार से पूछना चाहता हु के आखिर वो कौन से किसान है जिनकी आमदनी दुगनी कर रहे है। मंड के किसानों की तो समय पर फसल की खरीद करने में असमर्थ हो।

उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया की इसी सप्ताह में मंड क्षेत्र में कम से कम दस ख़रीद केंद्र खोलने के लिए सरकार के समक्ष मांग की जाएगी अगर सरकार नही मानी तो किसानों को साथ लेकर मौजूदा सरकार के खिलाफ कड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।

इस मौके पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोषाध्यक्ष कर्ण सिंह पठानिया, मास्टर कमल किशोर,ठाकुर अनूप सिंह,कांगेस कमेटी इंदौरा के उपाध्यक्ष राणा प्रताप सिंह, लाल गुलशन, राजेश कुमार सहित कई पंचायतो के प्रधान उपप्रधान ब दर्जनों किसान मौजूद रहे

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