मंडी के सराज में सदी की सबसे बड़ी त्रासदी, सब कुछ तबाह, 7 की मौत 20 से अधिक अभी भी लापता, सेना से ली जाएगी मदद

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मंडी – अजय सूर्या 

पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर का गृह विधानसभा क्षेत्र सराज इस साल की सबसे बड़ी त्रासदी झेल रहा है। 30 जून और 1 जुलाई को हुई भारी बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान सराज विधानसभा क्षेत्र को हुआ है। हालात यह हो गए हैं कि यहां एक किलोमीटर के दायरे में क्या हो रहा है किसी को कोई जानकारी नहीं है।

सड़क, बिजली और मोबाइल कुनेक्टिविटी पूरी तरह से कट गई है। मंडी जिला प्रशासन के पास भी सही-सही जानकारी नहीं पहुंच पा रही है। यही कारण है कि यहां राहत एवं बचाव टीमों को अभी तक नहीं भेजा जा सका है। थुनाग बाजार में लगभग 150 मकान और दुकानें जमींदोज हो गई है। थुनाग बाजार में 6 शव बरामद किए गए हैं, एक लापता है।

देजी पखरैर से 11 लोग लापता बताए जा रहे हैं। जरोल बाजार भी बर्बाद हो गया है, यहां एक शव मिला है। पांडवशीला में एक शव मिला है, जबकि दो लापता हैं। पुलिस की टीम जंजैहली से पांडवशीला तक पहुंच पाई है। एसडीआरएफ की टीम बगस्याड़ तक पहुंच पाई है। मोबाइल नेटवर्क न होने से सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है।

उपमंडल की सभी सडक़ें जगह-जगह पर बह गई हैं। लगभग सभी पुल ध्वस्त हो चुके हैं। बिजली-पानी योजनाएं ध्वस्त हो गई हैं। लोगों के सामने राशन का गंभीर संकट मंडरा गया है। प्रारंभिक इनपुट के आधार पर थुनाग उपमंडल में लगभग 400 से ज्यादा रिहायशी मकान आंशिक और पूर्णत: क्षतिग्रस्त हो गए हैं। लोग खुले में रहने को विवश हैं। अस्पताल, स्कूल और अन्य सरकारी भवन आपदा की चपेट में है। इन्हें बहाल करने में महीनों लगेंगे।

पिछले कल डीसी मंडी अपूर्व देवगन ने खुद इस क्षेत्र की तरफ अपना रूख किया और बगस्याड़ तक सड़क को छोटे वाहनों के लिए बहाल किया। बगस्याड में मोबाइल कुनेक्टिविटी शुरू हो गई है। लेकिन इसके आगे क्या हालात हैं किसी को कोई जानकारी नहीं थी। थुनाग और इसके आस-पास के इलाकों के कुछ लोगों को पहाड़ियों पर चढ़कर जब मोबाइल नेटवर्क मिला तो वहां से त्रासदी की तस्वीरों को सांझा किया। तब जाकर पता चल पाया कि सराज में त्रासदी ने कितना दंश झेला है।

जयराम ठाकुर सराज के लिए हुए रवाना

जयराम ठाकुर ने बताया कि नुकसान की जानकारी सही ढंग से नहीं मिल पा रही है। लेकिन प्रारंभिक तौर पर जो जानकारी मिल रही है। उन्होंने बताया कि अपुष्ट जानकारियों के अनुसार थुनाग बाजार में लगभग 100 मकान और दुकानें जमींदोज हो गई हैं। थुनाग बाजार से 7 शव बरामद किए गए हैं। देजी पखरैर से 12 लोग लापता बताए जा रहे हैं। जरोल बाजार भी बर्बाद हो गया है यहां एक शव मिला है। पांडव शीला में एक शव मिला दो लापता हैं। पुलिस की टीम जंजैहली से और एसडीआरएफ की टीम बगस्याड़ तक पहुंच पाई है।

मोबाइल नेटवर्क न होने से सटीक जानकारी नहीं मिल पा रही है। उपमंडल की सभी सड़कें जगह-जगह पर बह गई हैं। लगभग सभी पुल ध्वस्त हो चुके हैं। बिजली पानी योजनाएं ध्वस्त हो गई हैं। लोगों के सामने राशन का गंभीर संकट मंडरा गया है। प्रारंभिक इनपुट के आधार पर थुनाग उपमंडल में लगभग 400 से ज्यादा रिहायशी मकान आंशिक और पूर्णतः क्षतिग्रस्त हो गये हैं। लोग खुले में रहने को विवश हैं। अस्पताल, स्कूल और अन्य सरकारी भवन आपदा की चपेट में है।

जयराम ठाकुर ने बताया कि उन्होंने इस विषय पर सीएम से बात करके राहत एवं बचाव कार्यों में तेजी लाने की अपील की है। इसके साथ ही जिला के अधिकारियों के साथ भी बैठक करके हालातों का जायजा लिया है और उन्हें भी इन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।

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