
ब्यूरो – रिपोर्ट
मुख्यमंत्री सुखविंदर सुखु से भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच (हि प्र) का एक प्रतिनिधिमंडल भूमि अधिग्रहण, 2013 कानून (पुनर्स्थापना, पुनर्वास व चार गुना मुआबजा) को लागु करवाने हेतु शिमला में मिलेगा।
आज 20 जनवरी, 2023 को भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच की बैठक बी आर कोंडल की अध्यक्षता मै गूगल मीट के माध्यम सेआयोजित की गई।
जिसमे शिमला, सोलन, बिलासपुर, मंडी, काँगड़ा व कुल्लू के 35 कमेटी सदस्यों ने भाग लिया।
मंच के अध्यक्ष बी आर कोंडल ने सभी प्रभाबित किसानो की ओर से प्रदेश की सुखविंदर सुखु के नेतृतव बनी नयी सरकार का स्वागत करते हुए कहा कि प्रदेश की सरकार भूमि अधिग्रहण, 2013 कानून (पुनर्स्थापना, पुनर्वास व चार गुना मुआबजा) को हिमाचल में लागु करवाने हेतु प्रदेश का एक प्रतिनिधिमंडल शिमला में जल्दी ही मिलेगा।
पिछले 5 साल से लगातार यह मांग उठाते रहे हैं लेकिन किसानों की लंबित मांगों को पूरा करने में जयराम सरकार लगातार टालमटोल की नीति अपनाती रही है।
जिसका चुनाावों में हार का पूरा खामियाज़ा भुगतना पड़ा, जबकि केंद्र सरकार के केंद्रीय भूतल और परिवहन मंत्री नितिन गडकरी पहले ही कह चुके हे की केंद्र सरकार 4 गुना मुआवजा देने के लिए तैयार है और देश के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के मन की बात में चार गुना मुआवजा देने की बात कर चुके हे।
भूमि अधिग्रहण प्रभावित मंच के सयोंजक जोगिन्दर वालिया ने याद दिलाया कि हिमाचल प्रदेश में मुख्यतः परवाणू-शिमला, किरतपुर- मनाली, मटोर-शिमला, पठानकोट-मंडी , पिंजौर-नालागढ़ , हमीरपुर–कोटली-मंडी आदि मार्ग शामिल हैं।
इन फोरलेन के अतिरिक्त लगभग 68 नए राष्ट्रीय उच्च मार्ग बनाने हेतु परियोजनाओं के प्रारूप तैयार किये जा रहे।
रेलवे लाइन बिछाने के लिए भानुपल्ली से बिलासपुर –लेह एवं चंडीगढ़-बद्दी रेल लाइन के लिए भी भूमि अधिग्रहण की जा रही है तथा एअरपोर्ट निर्माण एवं विस्तार हेतु भी भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव है।
इससे पूर्व पिछली सरकारों द्वारा बिजली निर्माण हेतु बांध/ टावर लाइन बिछाने के लिए भी जमीन का अधिग्रहण किया जा रहा है लेकिन पिछली सरकार ने भूमि अधिग्रहण कानून 2013 को लागु नहीं किया हे और ना ही किसानो को उचित मुआबजा दिया है।
जबकि पूरी मुआबजा राशि केंद्र सरकार बहन करने को तेयार हे इसलिए नई सरकार से पुरे प्रदेश के किसानों में एक उमीद जगी हे की सुखविंदर सरकार जल्दी ही इस पर उचित फैसला लेगी और किसानो को राहत दिलाएगीI
नरेश कुकू सह-सयोंजक ने कहा की पुरे प्रदेश मे भूमि अधिग्रहण से 38 विधानसभा में 1 लाख प्रभावित परिवार भूमि अधिग्रहण से प्रभावित हुए हे लेकिन 5 वर्ष बीत जाने के बावजूद भी पिछली सरकार कोई फैसला नहीं ले पाई है I
उल्टे जयराम सरकार ने उचित मुआवजा देने के बजाय भूमि के सर्कल रेट कई गुना कम कर दिए और इसलिए किसानों ने सरकार को चलता कर दिया और उलटे प्रस्तावित फोरलेन के साथ लगते गांवों को 5 मीटर कंट्रोल विड्थ व 3 मीटर टीसीपी योजना से 50 मीटर की शर्त लगा दी!
टोल प्लाजा में राहत, न्यायलय में लंबित सभी जमीन अधिग्रहण के मामलों में कोई सुनवाई नहीं की गई हे अत; इस नई सरकार इस पर जल्दी उचित फैसला लेकर राहत दे I
ये रहे उपस्थित
अध्यक्ष बेलीराम कोंडल, सयोंजक जोगिन्दर वालिया के इलाबा मदनशर्मा बिलासपुर ,जेसी शर्मा , नवीन मेहता,बालकिसन सोलन, नरेश कुकू, शमी मदान,बंसीलाल, प्रेम ठाकुर, होतम सोख्ला कुल्लू-मंडी, राजेश पठानियां,करण राणा, काँगड़ा, डॉ कुलदीप तंवर. जय शिव, शिमला और ,मंडी से जितेंदर वर्मा, प्रशांत मोहन ,विजय ठाकुर,मोहिंदर व राज कुमार वर्मा आदि ने हिस्सा लिया ।
