
प्रदेश में भारी बहुमत से वापसी करेगी कांग्रेस: शर्मा
हिमाचल – हिमखबर
आरपीजीएस कंाग्रेस के नवनियुक्त राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं हिमाचल प्रदेश प्रभारी जगजीत शर्मा ने कहा कि वर्तमान केंद्र और राज्य सरकार के कार्यकाल में बेरोजगारी अपनी चरम पर है। या तो सरकारी विभाग में जगह निकाली नहीं जाती और यदि जगह निकल भी जाती है तो भर्ती रद्ध कर दी जाती है।
जिसके चलते काबिल नवयुवक बेरोजगार रहने को मजबूर हैं। उक्त वक्तव्य श्री शर्मा ने यहां जारी एक प्रैस विज्ञप्ति में प्रकट किये।
हिमाचल के प्रभारी जगजीत शर्मा ने यह भी दावा किया कि इसी वर्ष के अक्टूबर माह में हिमाचल प्रदेश के होने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस पार्टी भारी बहुमत से सत्ता में वापसी करेगी क्योंकि हिमाचल की भाजपा सरकार केंद्र और हरियाणा सरकार की तरह ही जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतर पायी है।
हिमाचल में सत्तासीन भाजपा सरकार के मुखिया जयराम ठाकुर अपने खोखले वायदों के लिए पूरे देश में मशहूर हैं। क्योंकि मुख्यमंत्री की कथनी और करनी में जमीन-आसमान का फर्क है।
जगजीत शर्मा की विज्ञप्ति के अनुसार मुख्यमंत्री और उनके कारिन्दे दोनों हाथों से प्रदेश को लूटने में लगे हुए हैं। रोजगार के क्षेत्र में मुख्यमंत्री द्वारा कोई ठोस कदम न उठाया उनकी विफलता को साबित करता है।
शर्मा ने विज्ञप्ति में कहा कि भाजपा ने हिमाचल के सीधे-साधे लोगों के साथ छलावा किया है। कोरोना जैसी महामारी से उभरने के लिए सरकार द्वारा जनहित में कोई ठोस कदम नहीं उठाये गए। फलस्वरूप राज्य की जनता अपनी जीविका को चलाने के लिए जद्दोजहद कर रही है।
हिमाचल का मुख्य व्यवसाय यहां का पर्यटन क्षेत्र है लेकिन सरकार इस ओर से भी आंखे मूंदे बैठी है। जिसके चलते पर्यटकों को खास सुविधाएं न मिलने के कारण उन्होंने अन्य पहाड़ी राज्यों की तरफ रुख कर दिया है।
हिमाचल प्रदेश की टूटी सड़कें, लचर कानून व्यवस्था, बढ़ती बेरोजगारी एवं पर्यटन क्षेत्र की नाकामी आज इस राज्य की पहचान बन गई है। कांग्रेस पार्टी में सत्ता में रहते हुए हिमाचल को पर्यटन क्षेत्र में विश्वभर में एक अलग पहचान दी थी।
जैसे ही सत्ता परिवर्तन हुआ और राज्य की कमान भाजपा के हाथों में गई, यहां के पर्यटन क्षेत्र का मानो नाश हो गया हो, जगजीत शर्मा के अनुसार राज्य की जनता में भाजपा के कुशासन को अनविदा कहने का पूरा मन बना लिया है क्योंकि लोगों को पता है कि राज्य में चहुंमुखी विकास केवल कंाग्रेस के शासन में ही सम्भव है।
शर्मा ने अपने विज्ञप्ति में केंद्र की सरकार भी आड़े हाथों लेते हुए कहा कि बढ़ती बेरोजगारी के कारण युवा वर्ग पथभ्रष्ट होता जा रहा है। पढ़ाई पर लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद युवा वर्ग के हाथ में डिग्री के नाम पर मात्र एक बेरोजगारी का कटोरा है।
इतना ही नहीं सरकार की गलत नीतियों के चलते सरकारी विभागों के साथ-साथ निजी कारोबार के क्षेत्र में भी युवाओं के हाथ खाली हैं। जिसका सबसे बड़ा कारण यह है कि प्राईवेट कम्पनियां सरकार के ढुलमुल रवैये के चलते भारी नुकसान में है।
रोजगार न होने के कारण युवा वर्ग अपराध एवं नशे के दलदल में धंसता जा रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना में पिछले कई वर्षों से कोई भर्ती नहीं निकाली गई हैं, जबकि ग्रामीण अंचल से जुड़ा हुआ युवा सेना में भर्ती होने के लिए सबसे ज्यादा आतुर रहता है।
शर्मा ने कहा कि जिस तरह से महंगाई असमान छू रही है उसके मुताबिक आमदनी ऊंट के मुंह में जीरा है। जिस उज्जवला योजना का ढ़िंढोरा पीटकर प्रधानमंत्री अपनी कामयाबी पर पीठ थप-थपाते थे आज वही उज्जवला योजना शैशव काल में ही दम तोड़ गई।
रसोई गैस सिलेण्डर पर सब्सिडी समाप्त कर केंद्र सरकार ने देश की जनता के साथ भद्दा मजाक किया है।
