
चम्बा – भूषण गुरुंग
विकास खंड भटियात मे के आसपास के क्षेत्रों में पशुओ में फैल रही लपो रोग के कारण पशु पालकों में देहशत का माहौल है। कई पशु पालकों तो इसी में निर्भर है। जो को अपने परिबार का भरण पोषण दूध बेच कर करते हैं।
टुंडी पंचायत के गॉव बाग के राजकुमार ने बताया कि उनके पास एक बहुत अच्छी नस्ल की गाय थी जो कि लंपी बीमारी के कारण गत दिनों उस की मृतु हो गई। उन्होंने बताया कि वेटनरी वाले आकर गाय को इंजेक्सन भी लगाकर गए थे उसके बाबजूद भी उन्होंने गाय को बचाने के लिए कई उपचार किया फिर भी अपने पशु धन को बचाने मे कामयाब नही हो पाए।
क्या कहते है अधिकारी
जब इस बाबत पशु विभाग के डॉ राजेश राणा से बात कि तो उन्होने बताया कि ये विमारी के रोक थाम के लिए जगह जगह कैम्प का आयोजन किया जा रहा है । इस बीमारी से पशुओ को तेज़ बुखार आना त्वचा मे सूजन आना औऱ बड़ी वडी गांठे बनना इस का मुख्या लक्षण है।
यह बीमारी मच्छर मखिया और चिचड़ के काटने से होता है। अभी तक इस विमारी से पूरे भटियात क्षेत्र में लगभग 75 पशुओं की मृतु हो चुकी है। जिस से लोगो मे काफी रोष है। लोगो का कहना है कि इस लंपी बीमारी को महामारी घोषित करनी चाहिये ताकि गरीव पशु पालकों को इस का मुआवजा मिल सके।
डॉ राजेश राणा ने बताया कि इस बीमारी का कोई भी प्रभावी इलाज नही है। इसलिये पशु पालकों को खुद व खुद सावधानी बरतनी होगी। जो भी विमार पशु हो उनको दूसरे पशुओं से अलग रखे। अच्छे किट नाशक दवाइयों का छिड़काव करे।
