
हिमखबर – नितिश पठानियां
हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चुनावी वर्ष में हर वर्ग को राहत देने की कोशिश की है। हर वर्ग को टच भी किया है। लेकिन प्रदेश का सबसे बड़ा वर्ग *बेरोजगार वर्ग* जिसकी संख्या 15 लाख के करीब है, को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर 1% भी राहत नहीं दे पाए हैं।
पिछले 4 सालो में काफी कम नियुक्तियां निकाली गई। हर बार कोबीड का हवाला ही दिया है। बेरोजगार युवाओं को दुःख की बात ये है कि, जो कुछ भर्तियां निकली भी थी वो भी पूरी नहीं हो रही हैं।
JOA 817 – भर्ती 1867 पदों के लिए सबसे बड़ी भर्ती हो रही है। लेकिन एक साल से अधिक समय हो गया अभी तक सरकार कोई निर्णय नहीं कर पाई।
प्रदेश के 74 विभागों में 1867 पद भरे जाने है। आप अंदाजा लगाइए कैसी परिस्तिथि है।
भर्ती से संबंधित अभ्यर्थी हर रोज मुख्यमंत्री से मिल रहे है, जहां वो जा रहे हैं। लेकिन बड़े दुःख की बात है कि मुख्यमंत्री साहब ने एक साल से एक कदम भी इसमें आगे नहीं बढ़ाए हैं। इससे प्रदेश के हज़ारों युवाओं में रोष है।
इतना ही नहीं पिछले चार साल के आजतक के कार्यकाल में सरकार मुख्यमंत्री जय राम के नेतृत्व में एक भी भर्ती JOA/क्लर्क की भर्ती नहीं करा पाई है।
हर वर्ग को कुछ न कुछ मिला लेकिन बेरोजगार लाख मिन्नते करने के बाद भी धक्के खा रहे हैं। पेपर पास कर रखे हैं फिर भी जॉब नहीं है।
क्य़ा सरकार को प्रदेश के लाखो बेरोजगार युवायों का ख्याल है या नहीं?
अब तो युवा इस कदर परेशान हो चुके है कि ये सोच रहे हैं कि सरकार में कोई तो हो जो हमारी सुने।
JOA 817 भर्ती पूरी न होने से अगले दो पोस्ट कोड
(1) JOA 903 (जिसकी लिखित परीक्षा हो चुकी है)
(2) JOA 939 ( जिसकी लिखती परीक्षा होनी है जिसमें 1 लाख 28 हज़ार अभियार्थी हैं) ये भर्तियां भी लटकी हुई है।
न मुख्यमंत्री सुन रहे, न इनके अधिकारी सुन रहे, न हमीरपुर बोर्ड कुछ कर पा रहा। ऐसे में आखिरी साल भी बेरोजगारों को मुख्यमंत्री जयराम कोई राहत नहीं दे पा रहे हैं। जहां हर वर्ग को कुछ न कुछ राहत देने की कोशिश कर रहे हैं।
