जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में सिरमौर-कांगड़ा के जवान देश पर कुर्बान
हिम खबर डेस्क
जम्मू-कश्मीर के राजौरी सेक्टर में शहीद हुए हिमाचल प्रदेश के जवानों की खबर सुनते ही राज्य में शोक की लहर दौड़ गई। दोनों जवानों में से एक सिरमौर जिला के शिलाई गांव के रहने वाले थे। दूसरा कांगड़ा जिला के धीरा उपमंडल की पंचायत मरूं में रहते थे। कांगड़ा के अरविंद नाइन पैरा कमांडो में कुपवाड़ा में तैनात थे। अरविंद दो माह पहले ही छुट्टी काट कर ड्यूटी पर लौटे थे।
जानकारी के अनुसार शिलाई ग्राम पंचायत की प्रधान शीला नेगी ने बताया कि भारतीय सेना में तैनात 26 वर्षीय जवान प्रमोद नेगी पुत्र देवेंद्र नेगी शिलाई गांव का रहने वाला था जो शुक्रवार प्रात: आतंकवादियों से लोहा लेते हुए राजौरी सेक्टर शहीद हो गए।
अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि प्रमोद नेगी की पार्थिव देह कब तक उनके पैतृक गांव शिलाई पहुंच पाएगी। प्रमोद नेगी के शहीद होने की खबर सुनते ही परिजनों रो-रो कर बुरा हाल है। शहीद प्रमोद नेगी लगभग छह वर्ष पूर्व भारतीय सेना में भर्ती हुआ था, जो अभी तक अविवाहित था। हालांकि उनका भरा पूरा परिवार है।
उधर, एसडीएम शिलाई सुरेश कुमार सिंघा ने इस शहादत पर गहरा शोक प्रकट करते हुए परिजनों को सांत्वना दी और कहा कि यह देश की अपूर्ण क्षति है। ईश्वर परिजनों को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करे।
बेटे की खबर सुनते ही बेसुध हुआ परिवार, पैरा रेजिमेंट में स्पेशल कमांडो के पद पर तैनात थे अरविंद
जम्मू-कश्मीर के राजौरी इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई मुठभेड़ में सुलाह विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम पंचायत मरुंह के गांव सूरी का जवान अरविंद कुमार (32 वर्षीय) शहीद हो गया है। अधिकारियों ने इसकी जानकारी शहीद के बड़े भाई को दी। बेटे के शहीद होने की खबर सुनते ही परिवार बेसुध हो गया।
बता दें कि शहीद अरविंद कुमार 9 पैरा रेजिमेंट में स्पेशल कमांडो के पद पर तैनात था। शहीद अरविंद कुमार ने अपनी शिक्षा डरोह सरकारी स्कूल में ली थी और छह साल पहले उनकी शादी हुई थी। शहीद जवान अपने पीछे मां-बाप, पत्नी व दो बच्चियों को अकेला छोड़ गए हैं।
पंचायत प्रतिनिधियों द्वारा बताया गया कि अरविंद कुमार पंचायत का सबसे होनहार लडक़ा था। अरविंद कुमार जम्मू-कश्मीर के राजौरी के जंगलों में आतंकियों के खिलाफ चले एक सर्च आपरेशन टीम का हिस्सा थे।
ऐसे में मुठभेड़ के दौरान शहीद अरविंद कुमार की मौत हो गई। पंचायत प्रतिनिधियों ने बताया कि शहीद के पार्थिव शरीर के घर आने को लेकर किसी तरह की कोई सूचना अभी तक नहीं मिली है।

