
लंज – निजी संवाददाता
पिछले एक हफ्ते से क्षेत्र के जंगल दहक रहे हैं। लोगों के अनुसार सबसे पहले आग ने बौहडक्वालू के जंगलों को राख कर दिया। अब दो दिन पहले ही अपर लंज के साथ लगते टल माता के जंगल में आग ने तांडव मचाया हुआ है। मनेई के जंगल भी आग की भेंट चढ़ गए है।
चंगर क्षेत्र में बारिश न होने की वजह से आग की लपटें तेज होती जा रही हैं। लाखों की वन संपदा जलकर राख हो गई है। वन विभाग भी आग पर काबू पाने में विफल नजर आ रहा है।
चंगर संघर्ष समिति के प्रधान जनम सिंह गुलेरिया, विनोद चौधरी, बीडीसी सदस्य प्रीतम सिंह, वार्ड सदस्य राकेश कुमार आदि का कहना है कि इस तरह से जंगलों में आग लगने या लोगों द्वारा जंगलों को जलाने पर पर प्रशासन को कड़े कदम उठाने चाहिए और जंगलों को आग से बचाना चाहिए।
क्या कहते है अधिकारी
आरओ लपियाणा रमन कुमार गुप्ता का कहना है कि कर्मचारी स्थानीय लोगों के साथ एक जगह आग को काबू कर रहे हैं तो कुछ शरारती तत्व दूसरी जगह आग लगा देते हैं। इससे पर्यावरण को भी भारी नुकसान पहुंच रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि ऐसे तत्वों पर नजर रखें और विभाग को सूचित करें।
