बहुचर्चित धर्मशाला स्काईवेज रोपवे का रास्ता बरसातों से पहले टुटा
धर्मशाला – व्यूरो रिपोर्ट
धर्मशाला से मैकलोडगंज तक भारी ट्रैफिक के विकल्प के तौर पर बहुचर्चित धर्मशाला स्काईवेज रोपवे का रास्ता बरसातों से पहले ही टूट गया है।
धर्मशाला रोपवे के पास बन रही मल्टीलेवल पार्किंग को लेकर कंस्ट्रक्शन कंपनी ने पार्किंग बनाने से पहले रोपवे तक जाने वाली सड़क के आसपास आरसीसी की रिटेनिंग वॉल बनाई थी लेकिन पिछले कुछ दिनों से हो रही बरसातों के कारण करोड़ों की लागत से बनी रिटेनिंग आरसीसी दीवार के साथ रोपवे का रास्ता भी ढह गया।
जिसके कारण रोपवे तक जाने वाले पर्यटकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। टैक्सी ऑपरेटरों ने रास्ते के एंट्री पर ही बैरीगेट लगा दिए जिसके कारण पर्यटकों को पैदल ही कोतवाली बाजार से रोपवे के टेक ऑफ प्वाइंट तक जाना पड़ा।
जाहिर सी बात है इसके कारण रोपवे कंपनी को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है लेकिन धर्मशाला स्काईवे से अभी तक कोई भी अधिकारिक बयान नहीं आया है।
धर्मशाला स्मार्ट सिटी के एमडी एवं आयुक्त अनुराग चंद्र शर्मा का कहना है कि इस क्षेत्र में भारी सीपेज के कारण निर्माण कार्य में चुनौती बनी हुई है, जिसके कारण कई क्षेत्रों में खुदाई करना मुश्किल हो गई है ।
इस क्षेत्र में लैंडस्लाइड को रोकने के लिए कंस्ट्रक्शन कंपनी ने आरसीसी की चारदीवारी की थी जिसमें से एक हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।
उन्होंने कहा कि आईआईटी मंडी से जियोलॉजिकल सर्वे की टीम ने धर्मशाला मल्टी लेवल पार्किंग का दौरा किया है तथा जल्द ही इसकी रिपोर्ट उनके द्वारा दे दी जाएगी।
रिपोर्ट के आधार पर ही निर्माण कार्य का अगला पड़ाव निश्चित किया जाएगा। रोपवे के रास्ते को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
गौरतलब है कि पीक सीजन में धर्मशाला से मैकलोडगंज मैं ट्रैफिक जाम से बचने के लिए रोपवे एक बेहतरीन विकल्प के रूप में सामने आया है लेकिन रोपवे टेक को पॉइंट पर जाने के लिए भी अब रास्ता ना होने के कारण पर्यटकों की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है।
इसके साथ ही बरसातों में मल्टीलेवल पार्किंग के निर्माण कार्य तथा बस स्टैंड के निर्माण कार्य पर खतरा बना हुआ है। अगर लगातार ऐसे ही लैंडस्लाइड होता रहा तो धर्मशाला स्काईवे रोपवे के भवन को भी खतरा पहुंच सकता है।
20 करोड़ की लागत से बनेगी आलीशान पार्किंग
धर्मशाला रोप वे के पास बन रही आलीशान पार्किंग का बजट 20 करोड़ है और इस पार्किंग का निर्माण एएनएस कंपनी द्वारा किया जा रहा है।
बता दें कि विनस कंपनी ने यह काम धर्मशाला के एक स्थानीय ठेकेदार को दे रखा है, जबकि स्मार्ट सिटी के एमओयू के अनुसार कंपनी इस काम को आगे सर्वलेट नहीं कर सकती है।
लेकिन बावजूद इसके भी एएनएस कंपनी ने काम स्थानीय ठेकेदार को देकर स्मार्ट सिटी के नियमों की अवहेलना की है और उसका ही नतीजा है कि आज मात्र 2 सप्ताह पहले लगाया गया, लाखों का डगा 3 घंटे की बारिश में ही धराशाई हो गया है।

