सिरमौर – नरेश कुमार राधे
हिमाचल निर्माता एवं प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री डॉ. वाईएस परमार के गृह क्षेत्र पच्छाद में कांग्रेस सरकार ने हाल ही में घिनीघाड़ के दो बस रूट बंद कर दिए हैं। इसके विरोध में शुक्रवार को घिनीघाड़ की छह पंचायतों जामुन की सेर, काटली, टिकरी कुठार, बनी बखोली, सुरला जनोट के लोगों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी व जमकर प्रदर्शन किया।
साथ ही ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार को चेताया कि अगर एक सप्ताह में दोनों बस रूट बाहल नहीं किए गए। तो नाहन शिमला नेशनल हाईवे का चक्का जाम किया जाएगा। जिसके जिम्मेवारी जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार की होगी।
वहीं ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार को चेताया कि आगामी लोकसभा चुनाव में वह वोट मांगने भी घिनीघाड़ क्षेत्र में ना आए। क्योंकि सराहां परमाणु तथा सराहां क्यारी नारायणगढ़ नाहन दोनों रूटों पर एक मात्र निगम की बस सेवा थी। जो की एक सप्ताह से एचआरटीसी ने घाटे का हवाला देकर बंद कर दी है।
एसडीएम ऑफिस पच्छाद में नायब तहसीलदार अश्वनी कुमार को ज्ञापन सौंपने आए जामुन की सेर पंचायत प्रधान सुषमा देवी, उप प्रधान राजेंद्र शर्मा, टिकरी कुठार पंचायत प्रधान याद राम शर्मा, काटली पंचायत उप प्रधान मनोज गौतम, सराहां पंचायत के पूर्व उपप्रधान सुशील शर्मा और राज्य कृषि विपडन बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष बलदेव भंडारी सहित ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार को स्पष्ट रूप से चेताया की अगर यह दोनों बस रूट जल्द बाहल नहीं किए गए। तो इसका खामियाजा आगामी लोकसभा चुनाव में कांग्रेस सरकार को भुगतना होगा।
इन रूटों पर बस सुविधा बंद
बता दें कि सराहां परमाणु वाया ढंगयार रूट 1990 से चल रहा है। यह बस रूट 6 पंचायतों को हरियाणा राज्य के पिंजोर, कालका, पंचकूला और चंडीगढ़ जाने के लिए एकमात्र निगम की बस थी। यह बस बंद होने से इस रूट पर अब कोई भी बस सुविधा उपलब्ध नहीं है। इसी ऐसा ही कुछ हाल सराहां क्यारी नारायणगढ़ नाहन बस का है, यह भी इस रूट पर एकमात्र बस सेवा थी, जो की पिछले एक सप्ताह से बंद है।

