
हिमाचल के लोक निर्माण विभाग को सर्वाधिक सवा अरब का नुकसान
शिमला- जसपाल ठाकुर
बर्फबारी की वजह से हिमाचल भर में हुआ नुकसान दो अरब पर पहुंच गया है। इसमें सबसे अधिक नुकसान लोक निर्माण विभाग को हुआ है। लोक निर्माण विभाग ने अब तक सामने आई रिपोर्ट में सवा अरब के नुकसान की बात कही है, जबकि जलशक्ति विभाग को 63 करोड़ रुपए के नुकसान का अनुमान है।
इसी तरह बर्फबारी की वजह से बिजली बोर्ड को अब तक करीब दस करोड़ रुपए का नुकसान हो चुका है। इस दौरान प्रदेश भर में चार पक्के घर और 16 कच्चे मकान पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि पांच पक्के और 63 कच्चे घरों को आंशिक नुकसान पहुंचा है।
शिमला में सबसे अधिक नुकसान का आकलन किया गया है। इन घरों के मालिकों को भी सरकार की तरफ से मुआवजा राशि मुहैया करवाई गई है। लोक निर्माण विभाग को हुए नुकसान की रिपोर्ट प्रदेश मुख्यालय पहुंच गई है। इस रिपोर्ट में एक अरब 15 लाख रुपए के नुकसान की बात कही गई है।
प्रदेश भर में बर्फबारी की वजह से डेढ़ हजार से ज्यादा सड़कें बंद हो गई थीं। इन सड़कों को बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रयास किए हैं। विभाग ने अब तक 90 फीसदी सड़कों को दोबारा से यातायात के लिए बहाल कर दिया है।
इस समय प्रदेश भर में 149 सड़कें बंद हैं। इनमें लाहुल-स्पीति में सबसे अधिक 117 सड़कों पर आवाजाही नहीं हो पा रही है। चंबा जिला में 15 सड़कें बंद हैं। यहां पांगी में छह, भरमौर में चार, सलूणी और भटियात में दो-दो, जबकि डलहौजी में एक सड़क बंद है। चंबा में 11 ट्रांसफार्मर और 14 पेयजल स्कीमें भी बंद हैं। इनमें सलूणी, पांगी और भरमौर के क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हैं।
कुल्लू में पांच सड़कें और दो नेशनल हाईवे बंद हैं। इसके अलावा एक ट्रांसफार्मर भी कुल्लू में बंद है। मंडी जिला में पांच सड़कें और दो ट्रांसफार्मर बंद हैं। शिमला जिला में नौ सड़कें बंद हैं। इनमें से रामपुर में पांच, चौपाल में दो, जबकि रोहड़ू और डोडराक्वार में एक-एक सड़क बंद है। इन सड़कों को बहाल करने के लिए लोक निर्माण विभाग ने प्रयास तेज कर दिए हैं और साफ मौसम के चलते काम में तेजी आई है।
लोक निर्माण विभाग की मुख्य अभियंता अर्चना ठाकुर का कहना है कि ज्यादातर सड़कें बहाल कर ली गई हैं। उधर, बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक पंकज डढवाल का कहना है कि प्रदेश भर में बिजली बोर्ड कर्मचारियों ने बर्फबारी के बीच बिजली व्यवस्था को सुधारने का काम किया है और ज्यादातर क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बहाल हो चुकी है। दूरस्थ क्षेत्रों में दस से भी कम ट्रांसफार्मर बंद बचे हैं, जिन्हें जल्द ही बहाल कर लिया जाएगा।
