प्रसव में देरी से बच्चे की गर्भ में मौत, वाईएस परमार मेडिकल कॉलेज पर फिर उठे सवाल

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सिरमौर – नरेश कुमार राधे

डॉ. वाईएस परमार राजकीय मेडिकल कॉलेज नाहन एक बार फिर विवादों में घिर गया है। पांवटा साहिब निवासी लक्ष्मी शर्मा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया है कि उनकी बहन की डिलीवरी में लापरवाही बरती गई, जिससे गर्भ में पल रहे एक स्वस्थ शिशु की मौत हो गई।

लक्ष्मी शर्मा का कहना है कि उनकी बहन चंद्रकला को 25 जुलाई को प्रसव पीड़ा होने पर नाहन मेडिकल कॉलेज के गायनी वार्ड में भर्ती किया गया था। डॉक्टरों की सलाह पर उसे आर्टिफिशियल लेबर पेन शुरू करने की दवाइयां दी गई, जिसमें पहला डोज रात 2 बजे, दूसरा सुबह 6 बजे और तीसरा डोज 10 बजे दिया गया।

इसके बाद लगातार तेज प्रसव पीड़ा होती रही, लेकिन बच्चेदानी का डायलेशन 2 सेंटीमीटर से अधिक नहीं हो पाया। दर्द बढ़ने के बावजूद डॉक्टरों ने सिजेरियन या अन्य आवश्यक उपचार का निर्णय नहीं लिया। उन्होंने दावा किया कि रात को दर्द बढ़ने के बावजूद डिलीवरी को सुबह तक टाल दिया गया, संभवतः चिकित्सक की अनुपस्थिति के कारण।

उनके अनुसार, पहले तो प्रसव पीड़ा के लिए इंजेक्शन दे दिया गया लेकिन सिजेरियन ऑपरेशन करने में देरी की गई। 18 घंटे बाद परिवार को बताया गया कि बच्चे की गर्भ में मौत हो गई, क्योंकि उसकी गर्दन में नाल लिपटी हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अस्पताल में अव्यवस्थाओं की भी अति थी। ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर रात के समय अपने घर चले गए थे।

लेबर रूम की टेबल टूटी हुई थीं, 3डी अल्ट्रासाउंड मशीन उपलब्ध नहीं थी और सबसे गंभीर बात यह थी कि शिशु हार्टबीट मॉनिटर भी कार्य नहीं कर रहा था। इस लापरवाही का नतीजा यह हुआ कि नवजात शिशु जन्म से पहले ही दुनिया से चला गया। लक्ष्मी शर्मा ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी स्टाफ पर कार्रवाई की मांग की है ताकि भविष्य में किसी अन्य महिला और परिवार को ऐसी त्रासदी न झेलनी पड़े।

लक्ष्मी ने यह भी कहा कि इस दर्दनाक घटना के बाद पूरा परिवार मानसिक रूप से बुरी तरह टूट गया था, इसलिए तुरंत कोई शिकायत दर्ज नहीं करवाई जा सकी। अब वे सभी साक्ष्यों के साथ मेडिकल कॉलेज प्रशासन को ईमेल के माध्यम से शिकायत भेज रहे हैं। उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि 25 व 26 जुलाई को गायनी वार्ड में कितने नवजातों की मौत हुई, इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

घटना का वीडियो चचेरी बहन द्वारा उसी दिन रिकॉर्ड किया गया था, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है। वीडियो के सामने आने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रबंधन पर सवाल खड़े हो रहे हैं, खासकर स्टाफ की उस रात की मौजूदगी और सक्रियता को लेकर।

सीसीटीवी फुटेज से स्थिति स्पष्ट हो सकती है कि उस रात ड्यूटी पर कौन मौजूद था और क्या उचित कार्रवाई समय पर की गई। लक्ष्मी शर्मा ने बताया कि उनका परिवार अब मानसिक आघात से थोड़ा उबर चुका है और मामले की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर रहा है।

मेडिकल कॉलेज अधीक्षक डॉ. संगीता ढिल्लो के बोल

उधर, मेडिकल कॉलेज की अधीक्षक डॉ. संगीता ढिल्लो ने बताया कि अभी तक उन्हें कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि जैसे ही शिकायत प्राप्त होगी, नियमानुसार जांच और कार्रवाई की जाएगी।

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