प्रशासन पूरी तरह से सतर्क, राजस्व अधिकारियों की छुट्टियां रदद

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आंगनबाड़ी केंद्र, सभी शैक्षणिक संस्थानों सोमवार को रहेगा अवकाश, चक्की पुल यातायात के लिए बंद, कालीनाथ कालेश्वर मंदिर करवाया खाली, ब्यास नदी के जल स्तर की हो रही नियमित मॉनिटरिंग।

धर्मशाला, 09 जुलाई – व्यूरो रिपोर्ट 

कांगड़ा जिला में लगातार जारी बारिश को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सतर्क है। इस बाबत उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने उपमंडलाधिकारियों, तहसीलदारों तथा नायब तहसीलदारों के स्वीकृत अवकाश को रदद करते हुए डयूटी पर पहुंचने के निर्देश जारी किए गए हैं। ताकि किसी भी स्तर पर राहत तथा पुनर्वास के कार्यों में किसी भी तरह की कमी नहीं रहे।

उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने रविवार को जिला मुख्यालय में आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम में बारिश से हुए नुक्सान की समीक्षा की तथा राहत पुनर्वास के कार्यों के लिए आवश्यक दिशा निर्देश भी दिए गए।

उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर आपदा प्रबंधन के कार्यों को लेकर कोताही नहीं बरती जाए तथा सभी विभागों के अधिकारी अपने अपने क्षेत्रों से संबंधित कार्यों के लिए मुस्तैद रहें।

आंगनबाड़ी केंद्रों तथा सभी शिक्षण संस्थानों में सोमवार को रहेगा अवकाश

उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे भी जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में व्यापक जनहित में जिले के सभी सरकारी और गैर सरकारी शिक्षण संस्थानों में सोमवार 10 जुलाई को छुट्टी घोषित की गई है ताकि विद्यार्थियों को किसी भी तरह की असुविधा नहीं झेलनी पड़े।

कालीनाथ कालेश्वर मंदिर को करवाया खाली

रक्कड़ तहसील में ब्यास नदी में जल स्तर बढ़ने के कारण कालीनाथ कालेश्वर मंदिर को खाली करवा दिया गया है तथा श्रद्वालुओं के लिए 11 जुलाई तक मंदिर के द्वार बंद रहेंगे।

इसके साथ ही लोगों से ब्यास नदी के आसपास नहीं जाने का आग्रह भी किया गया है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना से बचाव हो सके।

चक्की पुल यातायात के लिए रहेगा बंद

उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 के तहत लोगों की सुरक्षा के दृष्टिगत एनएच-154 के तहत चक्की ब्रिज को यातायात के लिए बंद कर दिया गया है, ब्रिज की मरम्मत के कार्यों के लिए केवल एनएचएआई तथा आपदा प्रबंधन वाहनों को ही आवागमन की अनुमति प्रदान की जाएगी।

उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि पुलिस अधीक्षक तथा संबंधित उपमंडलाधिकारी को आदेशों की अनुपालना सुनिश्चित करवाने के निर्देश दिए गएहैं।

राहत पुनर्वास को लेकर मुस्तैद प्रशासन

उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि जिला प्रशासन राहत तथा पुनर्वास कार्य के लिए पूरी तरह से मुस्तैद है तथा तमाम अधिकारी मशीनरी के साथ फील्ड में डटे हैं।

राहत बचाव कार्यों में एसडीआरएफ की टीम की मदद भी ली जा रही है। जिले में जहां मार्गों पर भूस्खलन इत्यादि हो रहा है वहां पर जेसीबी जैसी मशीनरी भी तैनात की गई है।

ब्यास के जल स्तर पर नियमित तौर पर हो रही है मॉनिटरिंग

उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने कहा कि ब्यास नदी में जल स्तर काफी बढ़ गया है तथा इस स्थिति को लेकर जिला प्रशासन ने पौंग डैम प्रबंधन के साथ भी संपर्क साधा है ताकि जरूरत महसूस होने पर पौंग डैम के गेट जल निकासी के लिए खुलवाए जा सकें।

उन्होंने सभी नागरिकों व पर्यटकों से नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है। उन्होंने आग्रह किया कि भारी बारिश को देखते हुए अनावश्यक यात्रा न करें, सुरक्षित स्थानों पर रहें और किसी प्रकार का जोखिम न उठाएं ।

कंट्रोल रूम में दें तत्काल सूचना

उपायुक्त डा निपुण जिंदल ने जिला वासियों से आग्रह किया कि किसी भी प्रकार की आपात स्थिति में तत्काल जिला आपदा प्रबंधन केंद्र के टोल फ्री 1077 नम्बर पर संपर्क करें। जिला मुख्यालय समेत सभी उपमंडलों में आपदा प्रबन्धन केन्द्र चौबीसों घंटे चालू हैं।

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