
नूरपुर – देवांश राजपूत
वन मंत्री राकेश पठानिया ने आज लोक निर्माण विभाग के विश्रामगृह में पत्रकारों को संबोधित करते देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हिमाचल प्रदेश को बल्क ड्रग पार्क देकर प्रदेश के लोगों के बहुत बड़ा तोहफा दिया है।
उन्होंने कहा कि यह प्रदेश के लोगों के लिए हर्ष का विषय है कि हिमाचल उत्तर भारत का एकमात्र प्रदेश है जिसे इस परियोजना पर काम करने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है।
उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग पार्क न सिर्फ प्रदेश को अधौगिकरण की ओर गतिमान बल्कि इससे नए रोजगार और समृद्धि के कई अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग पार्क से प्रदेश में रोजगार व समृद्धि के नए द्वार खुलेंगे। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत का स्वप्न्न जो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिया है। उस पर कार्य करते हुए प्रधानमंत्री ने देश में तीन बल्क पार्क स्वीकृत किए है जिसमे एक हिमाचल में खुलेगा।
उन्होंने कहा कि देश मे दवाइयां बनाने के लिए रॉ मटीरियल चाहिए जोकि विदेशों से मंगवाया जाता है। जिस कारण भारत को आर्थिक नुकसान सहन करना पड़ता है और प्रधानमंत्री की सोच पर अब इस जरूरत को पूरा करने के लिए यह बल्क ड्रग पार्क स्वीकृत किया है।
उन्होंने कहा कि इस बल्क ड्रग पार्क को तीन वर्ष में पूरा किए जाने का लक्ष्य रखा है और इसके निर्माण के लिए करीब एक हजार करोड़ की पहली किश्त स्वीकृत हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि इस बल्क ड्रग पार्क के बनने पर प्रदेश के हजारों युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के समय हिमाचल के बद्दी क्षेत्र फार्मा हब बना था और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बदौलत देश और हिमाचल फार्मा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा।
उन्होंने कहा कि बल्क ड्रग पार्क की स्वीकृति मिलने से 50 हजार करोड़ का निवेश हिमाचल में होगा और इससे 20 हजार से ज्यादा लोगों को रोजगार मिलेगा तथा प्रदेश को केंद्र सरकार की ओर से एक हजार करोड़ की ग्रांट इन एड मिलेगी।
उन्होंने कहा कल ऊना जिला में बनने वाला यह ड्रग पार्क न केवल हिमाचल प्रदेश बल्कि देश के विकास में एक मिल पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि इस पार्क की मंजूरी मिलने से चीन का एकाधिपत्य खत्म होगा और इस ड्रग पार्क के बन जाने से पूरे देश कज बल्क ड्रग की सभी जरूरतें पूरी होंगी और चीन पर निर्भरता खत्म होगी।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में हजारों करोड़ का कच्चा माल विदेशों से खरीदना पड़ता है तथा अब सारा कच्चा माल हिमाचल में उपलब्ध होगा जिससे दवाइयां सस्ती होंगी।
उन्होंने कहा कि करीब 1405 एकड़ में बनने वाले इस बल्क ड्रग पार्क को लेकर विपक्ष ने सहयोग देने की बजाए रोड़े अटकाने का काम किया है।
