प्रदेश के हर गांव में दौड़ेगा 4जी, केंद्र सरकार ने फोर जी टावर लगाने के लिए दी मंजूरी

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नेटवर्क का जाल बिछाने को 1600 टावर लगाने की तैयारी, 585 गांवों को मिलेगा फायदा

शिमला – नितिश पठानियां 

प्रदेश के हर गांव में जल्द ही फोरजी नेटवर्क की सुविधा मिलेगी। चीन की सीमा से सटे गांवों और अन्य दुर्गम क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाए जाने हैं।

प्रदेश के विभिन्न गांवों में मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिवीटी के लिए करीब 1600 4जी मोबाइल टावर लगाए जाएंगे। प्रदेश सरकार इसके लिए आधारभूत ढांचा उपलब्ध करवाएगी।

मोबाइल टावर लगने के बाद प्रदेश के हर गांव में बेतहर मोबाइल नेटवर्क की सुविधा मिलेगी। हिमाचल प्रदेश के 585 गांव ऐसे हैं, जहां पर मोबाइल नेटवर्क की कनेक्टिवीटी नहीं है।

प्रदेश सरकार की ओर से मोबाइल नेटवर्क की समस्या हल करने के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।

केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद बीएसएनएल द्वारा हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, चंबा, लाहुल-स्पीति और कुल्लू जिला में 4जी नेटवर्क के 1600 नए टावर लगाए जाएंगे।

हिमाचल में एक हजार टावर टू जी नेटवर्क के हैं, इन टावरों को 4जी नेटवर्क के लिए अपग्रेड किया जाएगा। नए टावर लगने से प्रदेश के पहाड़ी क्षेत्रों में मोबाइल नेटवर्क कनेक्टिवीटी की सुविधा बेहतर होगी, वहीं नेट की स्पीड भी बढ़ेगी।

प्रदेश में विभिन्न जगहों पर लगाए जाने वाले मोबाइल टावर का पूरा खर्च बीएसएनल के माध्यम से किया जाएगा। प्रदेश में नए टावर लगने और 2जी नेटवर्क के टावर अपडेट करने से प्रदेश की जानता को बेहतर मोबाइल नेटवर्क की सुविधा मिलेगी।

चीन की सीमा से सटे गांवों और अन्य दुर्गम क्षेत्रों में वर्ष 2024 तक मोबाइल टावर लगाने का लक्ष्य रखा गया है।

उधर, सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव रजनीश का कहना है कि प्रदेश के किन्नौर, चंबा, लाहुल-स्पीति और कुल्लू जिला में 1600 फोरजी टावर लगाए जाएंगे।

जिससे प्रदेश के दुर्गम क्षेत्रों में लोगों को बेहतर नेटवर्क की सुविधा मिलेगी।

सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रधान सचिव रजनीश ने बताया कि केंद्र सरकार ने टावर लगाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

उन्होंने बताया कि बीएसएनएल की माध्यम से प्रदेश के विभन्न गांवों में फोर जी टावर लगाए जाएंगे।

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