प्रदेश का सबसे बड़ा आईजीएमसी अस्पताल खोल रहा सरकार के स्वास्थ्य सेवाओं की पोलः नरेश चौहान

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ग्रामीण इलाकों में भी स्वास्थ्य सेवाएं तोड़ रही दम

शिमला – नितिश पठानियां

हिमाचल प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष नरेश चौहान ने आरोप लगाया है कि भाजपा सरकार में राज्य में स्वास्थ्य सेवाएं चरमरा गई हैं। हालत यह है कि राज्य का सबसे बड़े आईजीएमसी अस्पताल शिमला में ही अव्यवस्था का आलम है।

उन्होंने कहा कि हिमाचल की भाजपा सरकार, प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं का दावा कर रही है, लेकिन हकीकत यह है कि राजधानी शिमला में इलाज करवाने आने वाले मरीजों को यहां पर भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रह है।

नरेश चौहान ने सोमवार को यहां कहा कि प्रदेश के सबसे बड़े अस्पताल आईजीएमसी में एमआरआई और सीटी स्कैन करवाने के लिए मरीजों को दो से तीन माह का इंतजार करना पड़ रहा है। मरीजों को लंबी डेट दी जा रही है। नतीजतन मरीजों को समय पर इलाज नहीं हो पा रहा है।

वहीं, अस्पताल में दाखिल मरीजों को मिलने वाली मुफ्त इलाज की सुविधा भी सरकार और प्रशासन की कथित लापरवाही के कारण दम तोड़ रही है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण इलाकों से शिमला इलाज करवाने आने वाले मरीजों का समय पर उपचार न मिलने के कारण मरीजों के समय और धन दोनों की बरबादी हो रही है।

यही नहीं, अस्पताल की मशीनें भी आए दिन खराब हो रही है। इस कारण चंद मिनटों के काम के लिए मरीजों को घंटों एक्सरे करवाने में लग रहे हैं।

हेल्थ कार्ड की सुविधा भी मरीजों को नहीं मिल रही

नरेश चौहान ने कहा कि आईजीएमसी में हिमकेयर और अन्य स्वास्थ्य कार्डों की सुविधा भी मरीजों को नहीं मिल रही। मरीजों के हेल्थ कार्ड एक्टिव करने में ही कई दिन लग रहे हैं। इससे मरीजों को टेस्ट और दवाईयां अपने पैसों से खरीदनी पड़ रही है।

अस्पताल में उन मरीजों को खासी दिक्कतें उठानी पड़ रही है जिनके आपरेशन होने हैं। हेल्थ कार्ड होने के बावजूद भी लोगों को यह सुविधा न मिलना प्रदेश सरकार की नाकामी को दर्शा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार हेल्थ कार्ड से निशुल्क इलाज देने के बड़े-बड़े दावे कर रही है, जबकि प्रदेश का सबसे बड़ा अस्पताल आईजीएमसी ही सरकार के दावों की पोल खोल रहा है।

ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल

नरेश चौहान ने कहा है कि हिमाचल के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल है। वहां पीएससी, सीएचसी और अन्य अस्पतालों में डाक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ के कई पद खाली पड़े हुए हैं। इस तरह मरीजों का सारा बोझ आईजीएमसी पर पड़ रहा है। लेकिन यहां भी मरीजों का समय पर इलाज नहीं हो रहा है। मरीज इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं और सरकार चुनावी रैलियां करने में व्यवस्त है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार को आने वाले चुनावों में इसका जवाब देगी।

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