
भलाड- शिबू ठाकुर
विधि छात्र नितिश कुमार ने राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस पर विचार रखते हुए कहा कि भारत में हर वर्ष 2 दिसंबर को राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष 37वां राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस 2021 मनाया जा रहा है। भारत समेत पूरे विश्व के लिए प्रदूषण एक बड़ी समस्या है। प्रदूषण नियंत्रण करने के लिए सरकारें लगातार जागरूकता अभियान चलाती हैं।
राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस 2 दिसंबर 1984 को भोपाल गैस त्रासदी में अपनी जान गंवाने वालों की याद में मनाया जाता है। कई कारक हैं जो प्रदूषण पैदा करने के लिए जिम्मेदार हैं जैसे पटाखे फोड़ना, सड़कों पर दौड़ते वाहन, बम विस्फोट, उद्योगों के माध्यम से गैसों का रिसाव आदि। आजकल प्रदूषण की समस्या दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही है और यह इसका कर्तव्य है संबंधित सरकार और लोगों को भी प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए।
हमें प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विचार और योजनाएं बनानी चाहिए।राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस के उद्देश्य
मुख्य उद्देश्य लोगों को जागरूक करना, उद्योगों में जागरूकता फैलाना है जो पानी, वायु, मिट्टी, शोर जैसे विभिन्न प्रदूषण का कारण बनते हैं और पर्यावरण और जाहिर तौर पर स्वास्थ्य को प्रभावित करते हैं। हम नहीं भूल सकते, भोपाल गैस त्रासदी जिसमें जहरीली गैस ‘मिथाइल आइसोसाइनेट (MIC) का रिसाव दुनिया में अब तक हुई सबसे भीषण त्रासदी है।
प्रदूषण के संबंध में लोगों को ज्ञान देना भी जरूरी है ताकि एक बेहतर या स्वच्छ वातावरण का निर्माण किया जा सके। भारत में सरकार ने प्रदूषण से निपटने के लिए कई कानून बनाए थे जैसे दिल्ली में सड़क पर चलने वाले वाहनों को कम करना, ऑड और ईवन लागू करना। राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (एनपीसीबी) मुख्य शासी निकाय है, जो नियमित रूप से उद्योगों पर यह जानने के लिए जाँच करता है कि वे पर्यावरण नियमों का पालन कर रहे हैं या नहीं।राष्ट्रीय प्रदूषण नियंत्रण दिवस क्यों मनाया जाता है?
जैसा कि ऊपर चर्चा की गई है, मुख्य कारण औद्योगिक आपदा को नियंत्रित करना और प्रदूषण के स्तर को कम करना है। प्रदूषण को नियंत्रित करने और रोकने के लिए पूरी दुनिया में सरकार द्वारा विभिन्न कानून बनाए जाते हैं।
