
हिमाचल में बढ़ी स्नो लेपर्ड की संख्या
ज्वाली – अनिल छांगु
कांगड़ा जिले के पौंग डैम में इन दिनों देश-विदेश से भारी तादात में प्रवासी पक्षी पहुंचे है। झील में विचरण करने हर साल की तरह इस साल भी उत्तर, पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत के अलावा हजारों विदेशी प्रवासी पक्षी पहुंचे हैं। विदेशी पक्षियों की संख्या पिछले वर्ष 1,10,309 थी, जो इस वर्ष बढ़ कर 1,17,022 हो गई है।
पोंग डैम में पहली बार एक लंबी पूंछ वाली साइबेरियन बत्तख भी देखी गई। इन दिनों ज्यादातर पक्षी तिब्बत, मध्य एशिया, रूस और साइबेरिया के ट्रांस हिमालयी क्षेत्र से पौंग झील की ओर पलायन करते हैं।
वन्य प्राणी विभाग के प्रमुख राजीव कुमार ने बताया कि पौंग में पहुंचीं प्रजातियों में लैसर व्हाइट फ्रंटेड गूज, रेड क्रस्टेड पोचर्ड, फेरुजिनस पोचर्ड, पाइड एवोकेट, नॉर्दर्न लैपविंग, कॉमन केस्ट्रेल प्रमुख है।
उन्होंने बताया कि हिमाचल प्रदेश में पहली बार एक लंबी पूंछ वाली साइबेरियन बत्तख भी देखी गई है। पक्षी सर्वेक्षण के दौरान एक रिंग्ड बार हेडेड गूज भी देखा गया है।
पिछले कुछ वर्षों से पौंग झील प्रवासी पक्षियों के लिए सर्दियों में विचरण करने के लिए एक आदर्श स्थल बन गया है। पौंग झील में हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी वार्षिक जल पक्षी सर्वेक्षण 30 और 31 जनवरी 2023 को किया गया।
पक्षी सर्वेक्षण के दौरान रिकॉर्ड किए गए पक्षियों की कुल संख्या 1,17,022 पाई गई, जिनमें 108 प्रजातियां शामिल हैं। इस बार पहले की तुलना में ज्यादा पक्षी पहुंचे हैं।
वहीं हिमाचल प्रदेश में स्नो लेपर्ड भी काफी संख्या में देखने को मिल रहे हैं। 3 साल पहले किए गए सर्वेक्षण के अनुसार हिमाचल प्रदेश में 52 से लेकर 73 के बीच में बर्फानी तेंदुए की संख्या है, लेकिन पिछले कुछ दिनों से हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, लाहौल स्पीति, चंबा पांगी के क्षेत्रों में प्राय: परिवार सहित स्नो लेपर्ड देखने को मिले है। जोकि एक अच्छा संकेत है।
वाइल्डलाइफ पीसीसीएफ राजीव कुमार ने बताया कि विभाग स्नो लेपर्ड संभावित क्षेत्रों का संरक्षण कर रहा है, ताकि स्नो लेपर्ड का संरक्षण भी हो सके और इनकी संख्या में भी इजाफा हो सके।
