
भलाड – शिबू ठाकुर
आज का दिन पश्चिमी सभ्यता के अनुसार पिता दिवस के रूप में मनाने का है। इस बात का खंडन करते हुए युवा समाजिक कार्यकर्ता नीतीश कुमार ने युवाओं को यह आग्रह किया कि हमारी सभ्यता हमारी संस्कृति बहुत ही अच्छी है।
जोकि हमें सिखाती है कि सुबह उठकर अपने माता-पिता एवं बड़ों को नमस्कार करके आशीर्वाद लेकर ही प्रत्येक दिन की शुरुआत करें।
परंतु पश्चिमी सभ्यता का हमारे युवाओं में इतना ज्यादा प्रभाव हो गया कि सिर्फ और सिर्फ जो है वह साल में १ दिन फादर्स डे १ दिन मदर्स डे के रूप में मनाया जाता है। और रिश्तों में जो है। वह प्यार वह सम्मान खत्म होता जा रहा है।
जिसका उदाहरण हर रोज बढ़ते वृद्धाश्रम इस बात की गवाही देते हैं। इसलिए फादर्स डे मदर्स डे को मनाना छोड़ जो है वर्ष के प्रत्येक दिन उनके प्रति सम्मान उनके प्रति आदर भाव को प्रकट करें। और उनकी सेवा करें।
अपनी संस्कृति अपनी विरासत को अपनाएं और जीवन को सुखद बनाएं।
