पराशर बोले -सियासत में बढ़ा विश्वास का संकट, लोगों का भरोसा जीतना ही मेरा ध्येय

--Advertisement--

Image

देहरा – शिव गुलेरिया

समाजसेवी संजय पराशर ने कहा है कि वह जसवां-परागपुर क्षेत्र के भाग्योदय के लिए जीवन की अंतिम सांस तक संघर्ष करेंगे। इस क्षेत्र में शिक्षा, रोजगार, स्वास्थ्य, गरीबी उन्मूलन और नारी सशक्तीकरण को लेकर बहुत कुछ होना शेष है। ऐसे में क्षेत्रवासियों के लिए बिना थके और बिना रुके दिन रात काम करना है।

शुक्रवार को क्षेत्र की जंबल पंचायत में आयोजित 38वें महायज्ञ में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कैप्टन संजय पराशर ने कहा कि राजनीति उनके लिए सेवा का माध्यम है। वह सियासत के क्षेत्र में कमाने के लिए नहीं आ रहे हैं बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के चेहरे पर मुस्कान लाना चाहते हैं।

पराशर ने कहा कि आज राजनीति को लेकर गरीब आदमी का भरोसा कम होता जा रहा है। सही मायनों में सियासत में विश्वास का संकट उत्पन्न हो गया है। इसका कारण यह है कि गांवों में मूलभूत सुविधाएं पाने को आज भी ग्रामीण तरस रहे हैं।

सरकारी स्कूलों में स्टाफ का अभाव है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए बच्चों को दूरदराज के क्षेत्रों में पढ़ाई करने को मजबूर होना पड़ रहा है। कई गांवों की की बस्तियों में जल संकट हमेशा बना रहता है।

बेरोजगारी पर बोलने को कई तैयार नहीं

पराशर ने कहा कि बेरोजगारी की समस्या पर कोई बोलने को तैयार नहीं है। स्वास्थ्य सेवाएं भगवान भरोसे हैं। गरीबी उन्मूलन के लिए आवास योजना के तहत कई गांववासी अब भी अपने मकान के लिए ग्रांट आने का इंतजार कर रहे हैं। किसानों की खेतों में ङ्क्षसचाई सुविधा का प्रावधान अब भी दूर की कौड़ी लगती है। ऐसे में यह साफ है कि तंत्र में व्याप्त खामियों के चलते आम जनता अपने आप को ठगा सा महसूस करती है।

संजय ने कहा कि आर्थिक रूप से अक्षम परिवारों को सरकारी योजनाओं का लाभ देने के लिए स्पष्ट विजन के तहत काम करना होगा। अब जमाना बदल गया है और हम तकनीक का सहारा लेकर अतिरिक्त समय गंवाए योजनाओं को आम आदमी के घर-द्वार तक पहुंचा सकते हैं।

इंटरनेट की उपलब्धता से हिमकेयर कार्ड से ई-श्रम कार्ड बनाने की व्यवस्था पंचायत मुख्यालय पर ही हो सकती है। क्षेत्र में काफी संख्या में शिक्षित बेरोजगार हैं। जब तक स्थाई स्टाफ की नियुक्ति नहीं हो जाती, तब तक इन युवाओं को निश्चित मानदेय देकर शिक्षण संस्थानों में रिक्त चल रहे पदों की भरपाई की जा सकती है।

जनप्रतिनिधि बना तो हर छह माह में दूंगा रिपोर्ट कार्ड

पराशर ने कहा कि अगर उन्हें क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलता है तो वह हर छह महीने में क्षेत्र के विकास का रिपोर्ट कार्ड देंगे। इसमें आम आदमी से जुड़े हर मुद्दे का जिक्र होगा। साथ में गांववसियों के साथ भविष्य की कार्ययोजना का खाका तैयार किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि जसवां-परागपुर विस क्षेत्र को पूरे प्रदेश में माडल क्षेत्र बनाने के लिए वह समर्पित व प्रतिबद्ध रहेंगे। महायज्ञ में एक सौ अस्सी परिवारों के सदस्यों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई और हवन कुंड में आहुतियां डालीं।

ये रहे मौजूद

इस मौके पर सेवानिवृत कैप्टन वीर ङ्क्षसह, कमलजीत, जगदीश ङ्क्षसह, वार्ड पंच बबली, महिला मंडल प्रधान सुनीता देवी, वंदना, डा. केहर ङ्क्षसह, विजय, किशोरी लाल, देवराज, सुखदेव और कमलेश कुमारी भी मौजूद रहे।

--Advertisement--
--Advertisement--

Share post:

Subscribe

--Advertisement--

Popular

More like this
Related

कांगड़ा में जंगली जानवरों का कहर, 31 मेमनों को उतारा मौत के घाट; चरवाहों पर टूटा दुखों का पहाड़

हिमखबर डेस्क  हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के उपमंडल पालमपुर...

सुबह कमरे से नहीं निकला राहुल… जब दरवाजा खोला तो मंजर देख कांप गई रूह

हिमखबर डेस्क  पुलिस थाना भराड़ी के अंतर्गत आने वाली ग्राम...

प्रधानमन्त्री ग्राम सड़क योजना के चौथे चरण के अन्तर्गत हिमाचल प्रदेश में धनराशि स्वीकृत

हिमखबर डेस्क  केन्द्रीय ग्रामीण विकास राज्य मन्त्री कमलेश पासवान ने...

पेट्रोल-डीजल पर केंद्र सरकार ने दी बड़ी राहत, 10 रुपए घटी एक्साइज ड्यूटी

हिमखबर डेस्क  अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में...