
परवाणू, जीवन वर्मा
सोलन जिला के परवाणू में स्थित ऊना नंबर-1 शराब की फैक्टरी को यकायक बंद करके ऊना में स्थानांतरित करने की गुपचुप तैयारी चल रही है। इस फैक्टरी के परवाणू से बंद होने के कारण टैम्पो व ट्रक यूनियन के सैकड़ों सदस्यों व दर्जनों कर्मचारियों की आजीविका पर खतरा उत्पन्न हो गया है। परवाणू में यह शराब की फैक्टरी बीते करीब डेढ़ दशक से चल रही है तथा हिमफैड ने इसके संचालन के लिए फैक्टरी को सामान्य उद्योग निगम को पट्टे पर दिया हुआ है।
पुरानी मशीनरी व जर्जर ढांचे में चल रही शराब फैक्टरी से अभी भी जीआईसी को लाभांश प्राप्त हो रहा है, किंतु अचानक 15 वर्षों के अंतराल के बाद शराब फैक्टरी को परवाणू से ऊना शिफ्ट करने की कवायद से हड़कंप मच गया है। सूत्रों के अनुसार हिमफैड व सामान्य उद्योग निगम में लीज के किराये को लेकर आपसी विवाद चल रहा है। हिमफैड प्रबंधक वर्ग चाहता है कि इस लीज़ मनी की वर्तमान राशि में सालाना कम से कम 10 से 15 लाख रुपए की बढ़ोतरी की जाए, क्योंकि कई वर्षों में अनुपातिक किराया नहीं बढ़ाया गया है।
दूसरा प्रमुख पहलू यह है कि जीआईसी चाहता है कि पुरानी प्लांट मशीनरी व भवन नवीनीकरण इत्यादि के सभी खर्चे हिमफैड ही वहन करे, क्योंकि असली मालिकाना हक तो उसी विभाग का है। परवाणू स्थित बॉटलिंग प्लांट सामान्य उद्योग निगम का कमाऊ प्लांट है। इस फैक्टरी में करीब 35 कर्मचारी कार्य कर रहे हैं।
आगामी पहली जुलाई से इस प्लांट को मैहतपुर (ऊना) में शिफ्ट करने की तैयारी चल रही है। मैहतपुर में पहले से ही ऊना नंबर-1 के नाम से शराब की मशहूर फैक्टरी है तथा यहां से चंबा तक शराब की आपूर्ति की जाती है। परवाणू फैक्टरी से शिमला, रोहड़ू व अन्य पर्वतीय स्थानों पर शराब की सप्लाई होती है। इस व्यवसाय से कर्मचारियों के साथ ट्रक, कैंटर व टैंपू चलाने वाले सैकड़ों लोगों की आजीविका जुड़ी है।
आर्थिक दंश के संभावित खतरों को भांपते हुए परवाणू ट्रक यूनियन, मज़दूर यूनियन व दी ट्रांसपोर्ट कोऑपरेटिव सोसाइटी के सदस्यों ने इस फैक्टरी को परवाणू से अन्यत्र शिफ्ट न करने का आग्रह मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से किया है तथा इस आशय के पत्र भी उन्हें प्रेषित किए हैं। परवाणू बॉटलिंग प्लांट से प्रतिमाह 50 के लगभग ट्रकों में करीब 33 हजार डिब्बा शराब की आपूर्ति शिमला व ऊपरी हिमाचल को भेजी जाती है।
इस संदर्भ में सामान्य उद्योग निगम के उपाध्यक्ष मनोहर धीमान से जब पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि 15 जून को निदेशक मंडल की बैठक में इस एजेंडे पर चर्चा की जाएगी तथा निश्चित ही कोई सकारात्मक हल निकाला जाएगा।
