हिमखबर डेस्क
केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में जानकारी दी कि 200 किलोमीटर लंबी पठानकोट–जोगिंदर नगर नैरो गेज रेलवे लाइन को ब्रॉडगेज में बदलने के लिए सर्वेक्षण कार्य जारी है। इसके साथ ही विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी तैयार की जा रही है।
रेल मंत्री ने बताया कि डीपीआर तैयार होने के बाद इसे हिमाचल प्रदेश सरकार के साथ साझा किया जाएगा। इसके बाद नीति आयोग और वित्त मंत्रालय से आवश्यक मंजूरी ली जाएगी।
उन्होंने कहा कि परियोजना पूरी होने पर क्षेत्र में तेज, आधुनिक और सुविधाजनक रेल सेवा उपलब्ध होगी, जिससे पर्यटन और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
राज्यसभा सांसद सुश्री इंदु बाला गोस्वामी के प्रश्न के उत्तर में, जिसमें रेलवे लाइन को मंडी तक बढ़ाने की संभावना पर सवाल पूछा गया था, मंत्री ने कहा कि रेलवे परियोजनाएं कई मानकों पर आधारित होकर स्वीकृत होती हैं।
इनमें आर्थिक व्यवहार्यता, यातायात का अनुमान, राज्य सरकार और सांसदों की मांग, रेलवे की परिचालन संबंधी जरूरतें, और सामाजिक-आर्थिक महत्व जैसे धार्मिक व पर्यटन स्थलों को जोड़ना शामिल है।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि मंडी तक विस्तार के प्रस्ताव का मूल्यांकन भी इन्हीं मानकों पर किया जाएगा। यदि यह प्रस्ताव आर्थिक और तकनीकी दृष्टि से उपयुक्त पाया गया, तो इसे स्वीकृति प्रदान की जा सकती है।
यह रेलवे लाइन हिमाचल प्रदेश और पंजाब के बीच महत्वपूर्ण कड़ी है। इसके ब्रॉड गेज में रूपांतरण से न केवल यात्री सुविधा बढ़ेगी, बल्कि माल परिवहन में भी तेजी आएगी, जिससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिलेगी।