
शिमला – जसपाल ठाकुर
प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने सिर्फ एक चिंगारी आगे सरकाने के लिए 13 दिन का वक्त ले लिया। मामला इंटर डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर हुए टीचर्स की रेगुलराइजेशन का है, जो 2016 की कार्मिक विभाग की एक चिंगारी के कारण पांच जिलों में अटक गए थे। कैबिनेट में फैसला होने के बाद 13 अप्रैल को कार्मिक विभाग ने इस बारे में अधिसूचना जारी की थी। अब 26 अप्रैल को वही अधिसूचना अपनी मुहर लगाकर प्रारंभिक शिक्षा विभाग ने आगे सरका दी है।
अब सभी जिलों के उपनिदेशकों को इसके अनुसार उन कांट्रेक्ट टीचर्स की रेगुलराइजेशन करनी होगी, जो दूसरे जिला से आए हैं। इन निर्देशों के इंटर डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर पॉलिसी के कारण पहले से सात जिलों में रेगुलर हो चुके कॉन्ट्रैक्ट टीचर्स की सीनियरिटी भी बदलेगी।
नए निर्देशों में यह कहा गया है कि अनुबंध की अवधि तो कुल मिलाकर दो साल ही रहेगी, लेकिन दूसरे जिला से ट्रांसफर होकर आए कॉन्ट्रैक्ट टीचर को सीनियरिटी उस जिला में पहले से मौजूद अनुबंध शिक्षकों के बाद दी जाएगी। इसलिए इनकी वरिष्ठता सूची में बाद में भी बदलाव हो सकेगा।
निर्देशों में कहा गया है कि जिन जिलों में रेगुलराइजेशन अभी होनी है, वहां तो इसका असर पड़ेगा ही, लेकिन जहां पहले रेगुलराइजेशन हो चुकी है, वहां भी वरिष्ठता नए निर्देशों के अनुसार तय की जाए। इसलिए अब ये आर्डर सभी 12 जिलों के लिए हंै।
इससे पहले इंटर डिस्ट्रिक्ट ट्रांसफर के मामले में सात जिलों ने कांट्रैक्ट शिक्षकों को रेगुलर कर दिया था, जबकि बाकी पांच ने ऐसा न कर मामला वापस प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय को क्लेरिफिकेशन के लिए भेजा था। उसके बाद यह केस वापस कार्मिक विभाग तक गया और कैबिनेट से डिसाइड हुआ।
उधर, हिमाचल प्रदेश शिक्षक महासंघ ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर, शिक्षा मंत्री गोविंद ठाकुर, शिक्षा सचिव डॉ रजनीश, शिक्षा निदेशक प्रारंभिक डा. पंकज ललित, सयुंक्त शिक्षा निदेशक डा. भुवन शर्मा का अंतर जिला स्थानांतरित नीति पर निर्देश जारी करने के लिए आभार जताया है।
शिक्षक महासंघ के प्रांत महामंत्री डा. मामराज पुंडीर ने कहा कि आज जारी हुए निर्देशों से जेबीटी, सीएंडवी के उन शिक्षकों को राहत मिलेगी, जो दूसरे जिला में जाकर नियमित होने का इंतजार कर रहे थे।
