पंचायत चुनाव में 55.19 लाख लोग डालेंगे वोट, राज्य निर्वाचन आयोग का दावा, मतदाता सूचियां तैयार

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राज्य निर्वाचन आयोग का दावा; मतदाता सूचियां तैयार, अब शुल्क देकर वोट बनवा सकते हैं लोग

हिमखबर डेस्क

राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रेस नोट जारी कर कहा है कि शहरी निकाय और पंचायती राज संस्थाओं की वोटर लिस्ट तैयार कर ली गई हैं और आयोग की वेबसाइट पर मौजूद है। वहीं, हिमाचल में राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से दिए गए शेडयूल के अनुसार किसी जिला के डीसी ने फाइनल वोटर लिस्ट जारी नहीं की है।

इसके लिए डेडलाइन 13 नवंबर दी गई थी। हालांकि 14 नवंबर को पहली अक्तूबर को जारी अधिसूचना के अनुसार प्रदेश की 3577 ग्राम पंचायतों में से 3548 ग्राम पंचायतों और 70 शहरी निकायों की मतदाता सूचियां अंतिम रूप से तैयार कर दी गई हैं।

शेष 29 ग्राम पंचायतों की मतदाता सूची पहली दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी। तैयार की गई मतदाता सूचियों के अनुसार प्रदेश में कुल 55,19,709 मतदाता पंजीकृत हुए हैं। इनमें 27,26,548 महिला मतदाता और 27,93,161 पुरुष मतदाता शामिल हैं।

आयोग ने बताया कि सभी मतदाता सूचियां उसकी आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध कर दी गई हैं। साथ ही वोटर सारथी ऐप पर भी अपना नाम आसानी से चैक कर सकते हैं। मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के लिए आयोग ने पहली अक्तूबर, 2025 को अहर्ता तिथि घोषित किया था।

जो भी नागरिक इस तिथि तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, वे मतदाता सूची में नाम दर्ज करवाने के पात्र हैं। यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल नहीं है, तो वह निर्वाचन कार्यक्रम घोषित होने तक जिला निर्वाचन अधिकारी/उपायुक्त कार्यालय में निर्धारित प्रपत्र की दो प्रतियों के साथ मात्र दो रुपए शुल्क देकर आवेदन प्रस्तुत कर सकता है।

नगर पंचायत, नगर परिषद या नगर निगम की मतदाता सूची में नाम नहीं होने की स्थिति में संबंधित व्यक्ति उपमंडलाधिकारी-सह-निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी के कार्यालय में निर्धारित प्रपत्र पर 50 रुपए शुल्क के साथ आवेदन कर सकता है। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार सभी जिलों में मतदाता सूची तैयार करने का काम सुचारू रूप से पूरा हो चुका है और अब प्रदेश के 55 लाख से अधिक मतदाता पंचायत चुनाव में अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।

फिलहाल हिमाचल में लागू है डिजास्टर एक्ट

वोटर लिस्ट के फाइनल ड्राफ्ट के अगले दिन यानी 14 नवंबर को पंचायत चुनाव के बैलेट पेपर राज्य निर्वाचन आयोग से लेने थे, लेकिन अधिकांश जिलों के उपायुक्तों ने ये बैलेट पेपर भी नहीं उठाए हैं। हालांकि कुछ जिलों ने बैलेट पेपर ले लिए हैं। दूसरी तरफ राज्य सरकार ने हिमाचल में डिजास्टर एक्ट लगा रखा है और तर्क दिया है कि आपदा में प्रभावित हुए लोगों को बसाना पहला काम है। अब नई पंचायत चुनने के लिए डेडलाइन 23 जनवरी तक बताई जा रही है।

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