ज्वाली – व्यूरो रिपोर्ट
उपमंडल ज्वाली के अधीन ग्राम पंचायत न्यांगल के 15 मकानों पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं तथा इन मकानों में रहने वाले परिवार काफी सहम गए हैं। ग्राम पंचायत उपप्रधान सहित वार्ड नं- 2, 3, 4, 5, 6 के बाशिंदों मंजू बाला, कांता देवी, रोहित गुलेरिया, प्रवीण नरयाल, कुलदीप सिंह इत्यादि ने बताया कि बारिश के चलते 15 घरों के लोग डर के साए में जीवन जीने को मजबूर हैं।
उन्होंने बताया कि मकानों के 50 मीटर पीछे लगातार भूस्खलन हो रहा है। उन्होंने कहा कि उक्त स्थान पर नाला बहता है जिसको क्रेट लगनी थी लेकिन क्रेटबाल नहीं लगवाई जा सकी। लोगों ने कहा कि अगर समय रहते नाले के बहाव व भूस्खलन से बचाव के लिए क्रेट नहीं लगवाया तो कोई भी अप्रिय घटना घटित हो सकती है।

उन्होंने कहा कि रात को सो नहीं पा रहे हैं। जब भी बादल गरजते हैं या बारिश होती है तो लोग मकानों के बाहर आकर खड़े हो जाते हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व विधायक अर्जुन सिंह व कांगड़ा-चंबा के सांसद किशन कपूर को भी कई बार अवगत करवाया गया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई।
उन्होंने कहा कि वर्ष 2013 में सोलदा में भूस्खलन होने से सात घर जमींदोज हो गए थे तथा अब यही स्थिति न्यांगल पंचायत में बनी हुई है। इस क्षेत्र को भू वैज्ञानिकों द्वारा वर्ष 2013 में जब सोलदा में भूस्खलन हुआ था तो स्लाइडिंग जोन घोषित किया था।

उन्होंने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सूक्खु, कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार, जिलाधीश कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल व एसडीएम जवाली महेंद्र प्रताप सिंह से मांग की है कि जल्द से जल्द क्रेट लगवाकर हमारे घरों को भूस्खलन की भेंट चढ़ने से बचाया जाए।
जिलाधीश डॉ निपुण जिंदल के बोल
इस बारे में जिलाधीश कांगड़ा डॉ निपुण जिंदल ने कहा कि इसकी रिपोर्ट एसडीएम जवाली से मंगवाई जाएगी तथा न्यांगल में जल्द ही क्रेट लगवाकर मकानों को सुरक्षित करवाया जाएगा।
कृषि मंत्री चंद्र कुमार के बोल
इस बारे में कृषि मंत्री चन्द्र कुमार ने कहा कि अगर भूस्खलन से मकानों को खतरा है तो एसडीएम को निर्देश दिए जाएंगे कि इनको सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया जाए। इसकी रिपोर्ट एसडीएम जवाली से मंगवाई जाएगी।

