नूरपुर, देवांश राजपूत
विकास खण्ड नूरपुर और प्रदेश के प्रवेश द्वार की दो पंचायतों कंडवाल व पक्का टियाला में हाल ही में सम्पन्न हुए चुनावों में मतदाताओं ने कंडवाल से नरेंद्र कुमार तो साथ लगती पक्का टियाला से सरिता देवी को पँचायत का मुखिया चुना है जोकि रिश्ते में सगे देवर और भाभी हैं । इससे पहले भी समय समय पर उक्त परिवार का दो अलग अलग पंचायतों में वर्चस्व रहा है ।
1985 में बरंडा पँचायत से नरेंद्र कुमार के पिता स्वर्गीय साईं दास प्रधान बने थे जोकि 7 बर्ष तक प्रधान रहे थे । उसी परिवार की बहू सरिता देवी 1996 से 2000 तक पँचायत की प्रधान रह चुकी हैं । वर्तमान में बरंडा से अलग होकर पक्का टियाला नई पँचायत बनी है जोकि इस बार अनुसूचित जाति की महिला वर्ग के लिए आरक्षित थी । पँचायत में करीब 1000 मतदाता हैं । चुनाव में 840 मत पड़े जिसमें सरिता देवी ने 488 मत प्राप्त कर अपने प्रतिद्वंदी को 184 मतों के अंतर से शिकस्त दी ।
दूसरी ओर प्रदेश के प्रवेश द्वार की पहली पँचायत कंडवाल की बात की जाए तो इस बार उक्त पँचायत का प्रधान पद भी अनुसूचित जाति के आरक्षित था । जिसमें इस बार 1360 मतदाताओं में से 1046 लोगों ने मतदान किया था । तीन प्रत्याशी मैदान में थे । नरेंद्र कुमार ने त्रिकोणीय मुकाबले में 437 मत हासिल कर 101 मतों के अंतर से जीत हासिल कर प्रधान बनने में कामयाबी हासिल की है ।
इससे पहले नरेंद्र कुमार 2001 से 2010 तक दो बार प्रधान रह चुके हैं और इस बार भी प्रदेश के प्रवेश द्वार की जनता ने इस पँचायत का जिम्मा उन्हें बतौर प्रधान सौंपा है । नरेंद्र कुमार ने कहा कि लोगों ने कंडवाल पँचायत की तीसरी बार मुझे जिम्मेवारी सौंपी है लोगों की आशाओं पर पहले भी पूरा उतरा था और अब भी उनकी आशाओं के अनुरूप खरा व पँचायत को मॉडल पँचायत बनाने का पूरा प्रयास करूंगा ।
सरिता देवी ने बताया कि बरंडा से अलग होकर बनी नई पँचायत पक्का टियाला में अनेक समस्याएं हैं जिनका प्राथमिकता से हल किया जाएगा । एक ही परिवार से बेशक दो प्रधान बने हैं लेकिन हमारी कर्मस्थली अलग अलग पँचायत है । पक्का टियाला के पांच वार्डों का एक समान समग्र विकास ही मेरी प्राथमिकता रहेगी।