
नूरपुर – देवांश राजपूत
नूरपुर को पुलिस जिला बनने के साथ ही जल्द प्रशासनिक जिले के रूप में भी दर्जा दिलवा कर रहूंगा। यह कहना है वन,युवा सेवाएं एवम खेलमंत्री राकेश पठानिया का।
कैबिनेट मीटिंग में नूरपुर को पुलिस जिला बनने की आधिकारिक घोषणा के साथ ही आज भड़वार में भाजपा कार्यकर्त्ताओं द्वारा राकेश पठानिया का जोरदार स्वागत किया गया।
समर्थ पैलेस में हुए कार्यक्रम में सैंकड़ो कार्यकर्त्ताओ के साथ महिला कार्यकत्ताओं ने भी भारी संख्या में उपस्थिति दर्ज करवाई।
उपस्थिति जनसमूह को संबोधित करते हुए पठानिया ने कहा कि नूरपुर को पुलिस ज़िला बनाना समय की बहुत बड़ी जरूरत थी।
उन्होंने कहा कि नूरपुर प्रदेश का प्रवेश द्वार है । वहीं राज्य की सीमा पंजाब से जुड़े होने के कारण जहां नशे का कारोबार बहुत बड़ी संख्या में फलफूल रहा है।
जब कभी भी पठानकोट में पुलिस द्वारा नशे के कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई होती है तो वहां से बड़ी मात्रा में यह कारोबारी प्रदेश की सीमा में घुसते है, जिसे नूरपुर क्षेत्र की कम पुलिस फोर्स को उन्हें काबू करना मुश्किल होता है।
ऐसे में पुलिस जिला बनने के बाद अब सैंकड़ो की संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के बाद इस नशे के कारोबारियों पर नकेल कसना आसान होगा।
पठानियां ने सभी कार्यकर्त्ताओं से चुनावों को लेकर पूरी तरह से कमर कसने की बात कही। उन्होंने कहा कि इस बार प्रदेश की जनता सरकार नहीं बल्कि पांच साल भाजपा और पांच साल कांग्रेस वाला रिवाज़ बदलेगी और पुनः मुख्यमंत्री जयराज ठाकुर के नेतृत्व में सरकार बनाएगी।
उन्होंने कहा कि अगर प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनती है तो मौजूदा समय में चल रही हिम केयर योजना, सहारा योजना, स्वावलंबन योजना जैसी कई योजनाएं कांग्रेस सरकार द्वारा बन्द कर दी जाएंगी। इसलिए यह जरूरी है कि भाजपा सरकार दोबारा सत्तासीन हो ताकि प्रदेश सरकार द्वारा चलाये जा रहे विकासकार्यों को और ज्यादा पंख दिए जाएं।
वहीं राकेश पठानिया ने नूरपुर कॉंग्रेस द्वारा विकासकार्यों को लेकर खुली बहस की चुनौती दी। उन्होंने कहा कि आज नूरपुर में मातृ-शिशु अस्पताल बनकर तैयार होने वाला है, चौगान में इंडोर खेल स्टेडियम बनकर तैयार है, सदवां को पुलिस चौंकी और उपतहसील देना, ख़ैरियाँ में सीएचसी खुलना, सिविल अस्पताल नूरपुर में 29 डॉक्टरों की तैनाती होना, कॉलेज भवन का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर चलना और नूरपुर का पुलिस जिला बनना अपने आप में ऐतिहासिक है।
इसके साथ ही असंख्य सड़कें और पुल बनना अपने आप में विकास का पर्याय है लेकिन कांग्रेस पार्टी को इसे देखने के लिए अपना चश्मा बदलने की जरूरत है।
