नियांगल में जमीन धंसने से आठ मकानों को खतरा, प्रशासन-पंचायत ने पीड़ित परिवारों को सुरक्षित जगह करवाया शिफ्ट

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नियांगल में जमीन धंसने से आठ मकानों को खतरा, प्रशासन-पंचायत ने पीड़ित परिवारों को सुरक्षित जगह करवाया शिफ्ट।

ज्वाली – व्यूरो

उपमंडल ज्वाली के अधीन ग्राम पंचायत नियांगल के बाड़ा गांव में भारी बरसात के कारण जमीन धंसने से 8 मकानों को खतरा पैदा हो गया है तथा मकानों में दरारें आ रही हैं। इसके अलावा अन्य 25 मकानों को खतरा हो गया है।

हालांकि अभी आठ घरों को ज्यादा खतरा बना हुआ है परन्तु अगर बारिश होती रही तो अन्य 25 घर भी जमींदोज हो सकते हैं। इससे पहले भी वर्ष 2013 में नियांगल में 5-6 घर जमींदोज हो गए थे।

नियांगल में जमीन फट चुकी है तथा जमीन फटने के कारण काफी दरार आ गई हैं। नियांगल निवासी शिवचरण, परशोतम, विजय, गगन, बादल, छोटू, कमल, तिलक के मकानों को खतरा आ गया है।

करीबन 700 मीटर लंबा और 300 मीटर चौड़ा वन भूमि का बड़ा हिस्सा धंस रहा है। इसकी सूचना पंचायत प्रधान कैप्टन चुनी लाल व उपप्रधान संदीप समकड़िया को दी जिस पर वे मौके पर पहुंचे।

प्रधान व उपप्रधान ने बताया कि बारिश की वजह से इन आठ घरों के साथ लगती भूमि में भारी मात्रा में कटाव होना शुरू हो गया है तथा आठ परिवार खतरे की जद में आ रहें हैं। परिवारों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया गया है।

प्रधान-उपप्रधान ने कहा कि बारिश अगर लगातार होती रही तो जल्द ही यह घर भूस्खलन की चपेट में आ जाएंगे और अगर बारिश नहीं भी होगी तो भी यह घर महीने दो महीनों में बिल्कुल जमींदोज हो जाएंगे।

प्रधान कैप्टन चुन्नी लाल व उपप्रधान संदीप समकड़िया ने कहा कि आठ परिवारों को इस बारिश से भारी नुकसान हुआ है और कई कनाल भूमि खराब हो गई है।

इसकी सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार कोटला सीता राम ने मौका देखा है तथा आठ घरों को खाली करने को कहा है। लोग अपने-अपने मकानों को खाली कर रहे हैं।

आठ परिवारों को सुरक्षित जगह शिफ्ट किया गया है। पंचायतवासियों ने प्रशासन से गुहार लगाई है कि आर्थिक सहायता मुहैया करवाई जाए।

एसडीएम महेंद्र प्रताप सिंह के बोल

इस बारे में एसडीएम ज्वाली महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आठ परिवारों को सुरक्षित जगह पर शिफ्ट किया गया है। उन्होंने लोगों से सचेत रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आर्थिक सहायता शीघ्र मुहैया करवाई जाएगी।

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