
शिमला – नितिश पठानियां
चुनाव से पहले मंत्रिमंडल की बैठक में लिए निर्णय अब नई सरकार में ही धरातल पर उतर पाएंगे। कई पेच होने के कारण इनसे जुड़ी फाइलें चुनाव आयोग के पास नहीं पहुंच पाई हैं। अनुबंध कर्मचारियों को हाई ग्रेड-पे, जलशक्ति विभाग में जलरक्षक व पैरा वर्करों का सेवाकाल घटाकर विभाग में लेने व चिकित्सकों का भत्ता बढ़ाने का निर्णय प्रमुख था।
विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद इसने संबंधित अधिसूचना जारी नहीं हो सकी। अब नई सरकार का गठन होने के बाद ही इन पर अमल संभव होगा। 14 अक्टूबर को अंतिम मंत्रिमंडल बैठक हुई थी।
नर्सरी बच्चों को ट्रैक सूट मिलने का रास्ता निकला
वर्ष 2022-23 के लिए अटल स्कूल वर्दी योजना के तहत सरकारी स्कूलों में प्री-प्राइमरी (नर्सरी) के बच्चों के लिए दो ट्रैक सूट (एक ग्रीष्मकालीन सत्र और एक शीतकालीन सत्र) निश्शुल्क प्रदान करने का निर्णय लिया था।
एमबीबीएस इंटर्नज को करना होगा इंतजार
राज्य के सभी राजकीय चिकित्सा महाविद्यालयों के एमबीबीएस इंटर्नज का स्टाइफंड 17 हजार से बढ़ाकर 20 हजार प्रतिमाह करने का निर्णय लिया गया था। स्टाफ नर्स और वार्ड सिस्टर के पदनाम को नर्सिंग अधिकारी और वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी करने का निर्णय लिया गया था। स्वास्थ्य विभाग से जुड़े दोनों मामलों में यथास्थिति बनी हुई है।
जलरक्षक आठ साल में विभाग के होने थे
जलशक्ति विभाग जलरक्षक व पैरा वर्करों की सेवाएं ले रहा है। अभी तक दोनों श्रेणियों के कर्मी 12 साल के बाद विभाग में शामिल होते थे, लेकिन सरकार इनके लिए आठ साल का नया विकल्प लेकर आई थी। यह मामला वित्त, कार्मिक विभागों के बीच में फंस गया।
इस मामले में विधि विभाग से भी राय ली जानी थी। करुणामूलक भर्तियों का मामला भी जलशक्ति विभाग के साथ जुड़ा था, इसपर भी लिया गया निर्णय धरातल पर नहीं उतर पाया।
